यूक्रेन में शांति हेतु प्रार्थना दिवस का आह्वान

देवदूत प्रार्थना के उपरांत पोप फ्रांसिस ने सन सलवाडोर में धन्य घोषणा की याद की एवं यूक्रेन में तनाव के मद्देनजर शांति हेतु प्रार्थना दिवस का आह्वान किया।
पोप ने कहा, "कल सन सलवाडोर में जेस्विट पुरोहित रूतिलियो ग्रांदे गर्चा, उनके दो साथी लोकधर्मियों एवं फ्राँसिसकन पुरोहित कोसमे स्पेसोत्तो की धन्य घोषणा हुई, जो विश्वास के लिए शहीद हो गये थे। वे गरीबों के साथ खड़े हुए, सुसमाचार, सच्चाई और न्याय का साक्ष्य देते हुए खून बहाया। उनका साहसी उदाहरण सभी लोगों को भाईचारा एवं शांति के माध्यम बनने का साहस प्रदान करे। तब पोप ने ताली बजाकर उन्हें सम्मानित किया।"
तत्पश्चात् पोप ने यूक्रेन में तनाव के लिए चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैं बड़ी चिंता के साथ बढ़ते तनाव को देख रहा है जो यूक्रेन की शांति के लिए धक्का है और यूरोपीय महाद्वीप की सुरक्षा का सवाल।" उन्होंने अपील करते हुए कहा, "मैं भली इच्छा रखनेवालों से हार्दिक अपील करता हूँ कि वे अपनी प्रार्थना को सर्वशक्तिमान ईश्वर को चढ़ायें ताकि हर राजनीतिक कारर्वाई एवं प्रयास, अपने स्वार्थ के बदले मानवीय भाईचारा की सेवा में समर्पित हो। जो कोई दूसरों की हानि के लिए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता है, वह एक मनुष्य के रूप में खुद की बुलाहट का तिरस्कार करता है, क्योंकि हम सभी भाई हैं।" तनाव की परिस्थिति को देखते हुए संत पापा ने 26 जनवरी को शांति हेतु प्रार्थना करने का आह्वान किया है।  
पोप ने ख्रीस्तीय एकता प्रार्थना सप्ताह की भी याद की। उन्होंने कहा, "इस पृष्टभूमि पर मैंने लेयोन के संत इरेनियुस के कलीसिया के धर्माचार्य के रूप में प्रस्ताव को स्वीकार किया है। उनकी धर्मशिक्षा और सिद्धांत पूर्वी और पश्चिमी कलीसियाओं के बीच सेतु के समान है। ईश्वर उनकी मध्यस्थता द्वारा पूर्ण ख्रीस्तीय एकता के लिए काम करने की कृपा प्रदान करे।"
उसके बाद पोप ने रोम तथा इटली एवं विभिन्न देशों से आये तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया। अंत में, उन्होंने अपने लिए प्रार्थना का आग्रह करते हुए सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएँ अर्पित की। 

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