यूक्रेन : पोप ने पास्का युद्धविराम की अपील दुहरायी

पोप फ्राँसिस ने यूक्रेन में पास्का युद्धविराम की अपील दुहरायी, जब पूर्वी रीति के काथलिक एवं ऑर्थोडॉक्स विश्वासी प्रभु के पुनरूत्थान का महापर्व मना रहे हैं।
देवदूत प्रार्थना के उपरांत पोप ने पूर्वी काथलिक कलीसिया एवं ऑर्थोडॉक्स कलिसयाओं को पास्का की शुभकामनाएँ अर्पित की। उन्होंने कहा, "आज विभिन्न पूर्वी काथलिक एवं ऑर्थोडॉक्स कलीसियाओं में साथ ही साथ विभिन्न लातीनी समुदायों में जुलियन कैलेंडर के अनुसार पास्का महापर्व मनाया जाता है। हमने इसे पिछला रविवार ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मनाया। मैं आप सभी को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। ख्रीस्त जी उठे हैं, वे सचमुच जी उठे हैं, वे हमारे हृदय की अच्छी कामनाओं को आशा से भर दें। वे ही हैं जो हमें शांति प्रदान करते हैं जो युद्ध की बर्बरता से क्षुब्ध है। युद्ध की शुरूआत के बाद आज दो माह बीत चुके हैं, बंद होने के बदले यह बढ़ता ही जा रहा है। यह दुखद है कि इन दिनों, जो ख्रीस्तियों के लिए सबसे पवित्र और समारोही अवसर हैं, पुनरूत्थान की घोषणा में बजनेवाली घंटी से अधिक हथियारों की नश्वर दहाड़ सुनाई पड़ रही है। और यह भी दुखद हैं कि शब्दों का स्थान हथियार ले रहा है।"
मैं पास्का युद्धविराम की अपील पुनः दुहराता हूँ, शांति के लिए एक न्यूनतम और ठोस चाह को। हमले बंद करें, परेशान लोगों के दुःखों को दूर करने के लिए, पुनर्जीवित प्रभु की बात मानते हुए जिन्होंने पास्का के दिन अपने शिष्यों से कहा था, "तुम्हें शांति मिले।"
पोप ने सभी विश्वासियों से अपील करते हुए कहा, "मैं शांति के लिए सभी से प्रार्थना की अपील करता हूँ और यह कहने का साहस करने का प्रोत्साहन देता हूँ कि शांति संभव है। राजनीतिक नेता कृपया लोगों की आवाज सुनें जो शांति चाहते हैं, युद्ध नहीं।
पोप ने शांति एवं भाईचारा के लिए पेरूजा – असीसी पदयात्रा के प्रतिभागियों का अभिवादन किया। पदयात्रा रविवार को की गई।
पोप ने कैमरून के धर्माध्यक्षों एवं वहाँ के विश्वासियों की भी याद की जो मरियनवर्ग के मरियमतीर्थ पर राष्ट्रीय तीर्थयात्रा में भाग ले रहे हैं ताकि वे देश को माता मरियम के संरक्षण में सिपूर्द कर सकें। वे अपने देश में शांति पुनः स्थापित किये जाने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं जो करीब पाँच सालों से विभिन्न प्रांतों में हिंसा से विभाजित है। संत पापा ने कहा, "हम कैमरून के भाई बहनों के साथ अपनी आवाज ऊँची करें, ताकि ईश्वर, कुँवारी मरियम की मध्यस्थता द्वारा जल्द ही सच्ची एवं स्थायी शांति प्रदान करें।
उसके बाद पोप ने रोम तथा इटली एवं विभिन्न देशों के तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया। उन्होंने दिव्य करुणा की विशेष भक्ति रखने वाले श्रद्धालुओं का भी अभिवादन किया।
अंत में, अपने लिए प्रार्थना का आग्रह करते हुए उन्होंने सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएँ अर्पित की।

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