यूक्रेनी राष्ट्रपति ने फोन पर प्रार्थना के लिए पोप को धन्यवाद दिया

पोप फ्राँसिस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ फोन पर बात की, जिन्होंने पोप को उनकी निरंतर प्रार्थना के लिए धन्यवाद दिया। राष्ट्र निरंतर आक्रामकता को सहन करता आ रहा है।
यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के लगभग छह महीने बाद, शुक्रवार, 12 अगस्त को पोप फ्राँसिस और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई।
उनकी बातचीत सभी यूक्रेनी लोगों के साथ पोप की अक्सर व्यक्त एकजुटता के हिस्से के रूप में हुई।
राष्ट्पति जेलेंस्की ने खुद एक ट्वीट में इस खबर की जानकारी दी। दोनों ने 24 फरवरी को रूस के आक्रमण के बाद से यूक्रेनी लोगों द्वारा झेली जा रही भयावहता के बारे में बातें की और राष्ट्रपति ने पोप की प्रार्थनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रपति ने लिखा, "हमारे लोगों को विश्व के आध्यात्मिक नेताओं के समर्थन की आवश्यकता है जो यूक्रेन में हमलावर द्वारा किए गए भयानक कृत्यों की सच्चाई के बारे में दुनिया को अवगत कराएं।"
इसके तुरंत बाद, एक अलग ट्वीट में, वाटिकन में यूक्रेन के राजदूत, श्री आंड्री युराश ने टेलीफोन पर बातचीत की खबर को दोहराया और कहा कि "यूक्रेनी राज्य और समाज पोप का अभिवादन करने में प्रसन्न होंगे",  उन्होंने पोप फ्राँसिस की कीव यात्रा की उम्मीद को व्यक्त किया।
पोप फ्राँसिस और राष्ट्रपति जेलेंस्की इससे पहले दो बार फोन और वीडियो कॉल से बात कर चुके हैं।
22 मार्च को इतालवी संसद में बोलते हुए, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पोप फ्राँसिस के साथ अपनी बातचीत के बारे में बात की और कहा कि पोप ने "बहुत महत्वपूर्ण शब्द" कहा था।
इससे पहले 26 फरवरी को रूस के आक्रमण के दो दिन बाद दोनों लोगों ने फोन पर बात की थी।
उस बातचीत के दौरान, पोप फ्राँसिस ने राष्ट्रपति को "देश में हो रही दुखद घटनाओं के लिए गहरा दुख" व्यक्त किया।
इसके तुरंत बाद, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, "मैंने यूक्रेन में शांति के लिए और संघर्ष विराम के लिए प्रार्थना करने हेतु पोप को धन्यवाद दिया। यूक्रेन के लोग पोप के आध्यात्मिक समर्थन को महसूस करते हैं।"
संघर्ष की शुरुआत के बाद से कई मौकों पर, पोप ने यूक्रेन वासियों को याद किया है। 10 अगस्त के आम दर्शन समारोह के दौरान पोप फ्राँसिस ने यूक्रेनी लोगों की चल रही पीड़ा पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "जो अभी भी इस क्रूर युद्ध से पीड़ित हैं।" पोप ने "कई प्रवासियों के लिए जो लगातार आ रहे हैं" के लिए एक विशेष विचार व्यक्त किया।
इन महीनों के दौरान, पोप ने दुनिया से लगातार अपील की है कि वे यूक्रेन में युद्ध को न भूलें और न ही उन लोगों का स्वागत करते हुए थकें जो शांति की तलाश में अपने घरों से भागने को मजबूर हैं।

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