युद्ध राजनीति और मानवता की विफलता है, पोप फ्राँसिस

पोप "यूक्रेनी लोगों के लिए एकजुटता की अंतर-धार्मिक तीर्थयात्रा" को भेजे गए संदेश में शांति का आह्वान करते हैं, जो रोमानिया में शुरू हुआ और आज यूक्रेनी शहर चेर्निव्स में समाप्त हुआ। संघर्ष की शुरुआत के बाद से अधिकृत पहला कार्यक्रम: ईश्वर के नाम पर हमें इन घिनौने कृत्यों को समाप्त करने के लिए पूरी शक्ति के साथ अपनी आवाज उठानी चाहिए।
“कितने कमजोर और रक्षाहीन लोगों को पीड़ा हुई,  कई नागरिक और निर्दोष युवा मारे गए, महिलाओं और बच्चों का पलायन  ... यह सब हमारी अंतरात्मा को हिला देता है और अब हम चुप नहीं रह सकते, काइन की हिंसा और हाबिल के रोने के प्रति उदासीन नहीं रह सकते, बल्कि ईश्वर के नाम पर ऐसे घिनौने कृत्यों का अंत करने के लिए हमारी आवाज को बुलंद करने की जरुरत है।” पोप फ्राँसिस ने यूक्रेन के लोगों के साथ एकजुटता के अंतर्धार्मिक तीर्थयात्रा के आयोजकों और प्रतिभागियों को भेजे गए संदेश में शांति की याचना की, जो 10 अप्रैल को रोमानिया में शुरू हुआ और 12 अप्रैल मंगलवार, दोपहर दक्षिण-पश्चिमी यूक्रेन के चेर्नित्सि शहर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के साथ समाप्त हुआ।
अपने संदेश में, पोप ने दोहराया कि "यह समय जो हम जी रहे हैं, वह हमें निराश करता है क्योंकि यह बुराई की ताकतों से पार हो जाता है", जबकि, विश्वपत्र ‘फ्रातेल्ली तुत्ती’ का हवाला देते हुए, वे कहते हैं कि "हम जिस नृशंस और दर्दनाक घटनाओं को बहुत दिनों से देख रहे हैं, ये अब हमें इस बात की पुष्टि करती है कि युद्ध राजनीति और मानवता की विफलता है, एक शर्मनाक आत्मसमर्पण है, बुराई की ताकतों के सामने हार है।” फिर उन्होंने एक नई अपील शुरू की: "शासक, विशेष रूप से वे जो धर्म के पवित्र सिद्धांतों की अपील करते हैं, ईश्वर के वचन को सुनें, जिसमें कहा गया है: मेरे पास शांति की योजना है, दुर्भाग्य की नहीं।"
कई धार्मिक नेता शांति तीर्थ प्रतिनिधिमंडल बनाते हैं: इस तीर्थयात्रा में काथलिक ख्रीस्तीय, यहूदी, एंग्लिकन, हिंदू, बौद्ध, ऑर्थोडोक्स ख्रीस्तीय और मुस्लिम प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंगलवार को, यूक्रेनी समयानुसार शाम 5 बजे (इटली में शाम 4 बजे),  सभी एक साथ मिलकर कार्यक्रम में भाग लिया। युद्ध के फैलने के बाद पहली बार आधिकारिक अनुमति दी गई। सभा यूक्रेनी शहर चेर्नित्सि के मुख्य थिएटर में आयोजित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इसका "लक्ष्य शांति लाना और घावों को ठीक करने का प्रयास करना है।"
शांति विभाग और एलियाह अंतरधार्मिक संस्थान द्वारा आयोजित इस बैठक में उन लोगों की प्रत्यक्ष गवाही सुनना भी शामिल था जो युद्ध की भयावहता का अनुभव कर रहे हैं। फ्रायर्स माइनर धर्मसमाज के जनरल ब्रदर मासिमो फुसरेली बताते हैं - "हर धार्मिक नेता शांति, दोस्ती और सांत्वना के मुद्दों पर अपने विचार प्रकट किये। फिर अच्छे संगीत के साथ वीडियो दिखाए गये: सब कुछ यूक्रेनी टेलीविजन पर प्रसारित हुआ। इसका उद्देश्य यह प्रदर्शित करना था कि धर्म शांति का एक साधन हो सकता है। यह तब होता है जब धर्म वास्तव में ईश्वर की खोज से प्रेरित होता है। इसके विपरीत सच्ची धार्मिक भावना से संबंधित नहीं है।"

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