मैं युद्ध रोकने के लिए सब कुछ करने को तैयार हूं, पोप 

अर्जेंटीना के दैनिक समाचार पत्र 'ला नेसियन' के साथ एक साक्षात्कार में, पोप फ्राँसिस ने कहा कि भले ही वे निकट भविष्य में कीव जाने या प्राधिधर्माध्यक्ष किरिल से मिलने की योजना नहीं बना रहे हों, यूक्रेन में शांति के लिए "हमेशा" प्रयास जारी हैं। "वाटिकन कभी आराम नहीं करता," पोप ने जोर देकर कहा, "मैं आपको विवरण नहीं बता सकता क्योंकि वे राजनायिक प्रयास नहीं रह जाएंगे। लेकिन प्रयास कभी नहीं रुकेंगे।"
पोप फ्राँसिस का कहना है कि वे यूक्रेन में युद्ध को रोकने के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार हैं और जोर देकर कहते हैं कि वाटिकन शांति प्राप्त करने के लिए कूटनीतिक रूप से अथक प्रयास कर रहा है।
पोप फ्राँसिस ने 21 अप्रैल को प्रकाशित अर्जेंटीना के दैनिक समाचार पत्र ‘ला नेसियन’ के साथ एक साक्षात्कार में पत्रकार जोकिन मोरालेस सोला को यह आश्वासन दिया, कि भले ही वह निकट भविष्य में कीव की यूक्रेनी राजधानी जाने या प्राधिधर्माध्यक्ष किरिल से मिलने की योजना नहीं बना रहा हो, यूक्रेन में "शांति स्थापित करने के प्रयास हमेशा" होते हैं।
"वाटिकन कभी आराम नहीं करता," उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं आपको विवरण नहीं बता सकता क्योंकि वे राजनयिक प्रयास नहीं रह जाएंगे। लेकिन प्रयास कभी नहीं रुकेंगे।"
जैसा कि यूक्रेन में युद्ध जारी है और नरसंहार जारी है, पोप फ्राँसिस ने अनेक बार अपील की है और मानवीय सहायता लाने एवं शरणार्थियों से मिलने के लिए राष्ट्र में कई दूत भेजे हैं। खजूर रविवार को संत पापा ने इस युद्ध से तबाह राष्ट्र में पास्का संघर्ष विराम का आह्वान करते हुए कहा, "हथियारों को नीचे रखने दें! पास्का संघर्ष विराम शुरू होने दें।"
लैटिन रीति के काथलिकों ने पास्का रविवार महोत्सव मना लिया है जबकि ऑर्थोडोक्स और पूर्वी काथलिक कलीसिया इस सप्ताह रविवार को पास्का महोत्सव मनायेंगे।
साक्षात्कार में, पोप से 25 फरवरी की सुबह, विया देला कॉन्सिलियाज़ियोने में स्थित रूसी दूतावास में उनकी यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया, "मैं अकेला गया था। मैं नहीं चाहता था कि कोई मेरे साथ आए। यह मेरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी थी। यह एक निर्णय था जिसे मैंने रातों की नींद हराम कर यूक्रेन के बारे में सोचा था। यह उन लोगों के लिए स्पष्ट है जो चीजों को वैसे ही देखना चाहते हैं जैसे वे हैं कि मैं सरकार को संकेत दे रहा था कि वह युद्ध को तुरंत समाप्त कर सकती है। सच तो यह है कि मैं कुछ करना चाहता था ताकि यूक्रेन में एक भी मौत न हो। एक और नहीं। इसके लिए मैं सब कुछ करने को तैयार हूं।"
कई निमंत्रणों के आलोक में यूक्रेन की यात्रा की संभावना के बारे में, पोप ने कहा, "मैं ऐसा कुछ भी नहीं कर सकता जो उच्च उद्देश्यों को जोखिम में डालता हो, जो युद्ध का अंत हो, एक संघर्ष विराम या, कम से कम, एक मानवीय गलियारा बनायी जा सके। अगर अगले दिन युद्ध जारी रहा तो परमाध्यक्ष का कीव जाने से क्या लाभ होगा?"
उन प्रेरणाओं के बारे में जिनके कारण युद्ध छिड़ गया, संत पापा कहते हैं: "इस दुनिया में और सभ्यता के इस स्तर पर सभी युद्ध कालानुक्रमिक हैं। इसीलिए मैंने सार्वजनिक रूप से यूक्रेन के झंडे को चूमा, यह उनके मृतक, उनके परिवारों और प्रवास में पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता का एक संकेत था।"
पोप से यह भी पूछा गया कि युद्ध के बारे में बोलते समय वे पुतिन या रूस का नाम क्यों नहीं लेते।
पोप ने कहा, "एक परमाध्यक्ष कभी भी एक राज्य के प्रमुख या राज्य का नाम नहीं लेता, एक देश तो अपने राज्य के प्रमुख से बड़ा है।" पोप से मास्को के रूसी ऑर्थोडोक्स पाधिधर्माध्यक्ष किरिल के साथ उनके संबंधों के बारे में भी पूछा गया था। पोप फ्राँसिस की 2016 की मेक्सिको की प्रेरितिक यात्रा के रास्ते में ठहराव के दौरान, हवाना, क्यूबा में दोनों की ऐतिहासिक मुलाकात हुई।
आपसी संबंधों को "बहुत अच्छा" बताते हुए, पोप आगे कहते हैं: "मुझे खेद है कि वाटिकन को प्राधिधर्माध्यक्ष किरिल के साथ एक दूसरी मुलाकात को रद्द करना पड़ा है, जिसे हमने जून के लिए येरूसालेम में निर्धारित किया था। लेकिन हमारे कूटनीतिज्ञों ने कहा कि यह बैठक इस समय हमारे बीच बहुत भ्रम पैदा कर सकता है।" पोप का कहना है कि उन्होंने हमेशा अंतर्धार्मिक संवाद को बढ़ावा दिया है।
उन्होंने कहा, "जब मैं ब्यूनस आयर्स का महाधर्माध्यक्ष था, तब मैंने ख्रीस्तीय, यहूदी और मुसलमानों को एक साथ लाया था। यह उन पहलों में से एक थी जिस पर मुझे सबसे अधिक गर्व है। इसी नीति को मैं वाटिकन में भी बढ़ावा देता हूं। जैसा कि आपने मुझसे कई बार सुना है, मेरे लिए समझौता संघर्ष से बेहतर है।"

Add new comment

2 + 4 =