मारचेल्लो कान्दिया न्यास के सदस्यों से पोप फ्राँसिस

पोप फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन में मारचेल्लो कान्दिया न्यास के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इटली के लोमबारदी प्रान्त के व्यावसायी मारचेल्लो कान्दिया ने साठ के दशक में ब्राज़ील की ओर प्रस्थान किया था तथा 1982 में कमज़ोर वर्ग के लोगों की सहायता के लिये मारचेल्लो कान्दिया न्यास की शुरुआत की थी, जो आज विश्व के कई राष्ट्रों में कल्याणकारी योजनाओं को अन्जाम दे रहा है।
पोप फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन में मारचेल्लो कान्दिया न्यास के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इटली के लोमबारदी प्रान्त के व्यावसायी मारचेल्लो कान्दिया ने साठ के दशक में ब्राज़ील की ओर प्रस्थान किया था तथा 1982 में  कमज़ोर वर्ग के लोगों की सहायता के लिये मारचेल्लो कान्दिया न्यास की शुरुआत की थी, जो आज विश्व के कई राष्ट्रों में कल्याणकारी योजनाओं को अन्जाम दे रहा है। 08 जुलाई 2014 को पोप फ्रांसिस ने सन्त प्रकरण परिषद की एक आज्ञप्ति को अनुमोदन प्रदान कर मारचेल्लो कान्दिया को प्रभु सेवक की संज्ञा प्रदान की थी।
पोप फ्रांसिस ने न्यास के सदस्यों के कार्यों की सराहना की और उनसे आग्रह किया कि वे अपने संस्थापक के पदचिन्हों पर चल, विशेष रूप से रोगियों, निर्धनों एवं हाशिये पर जीवन यापन करनेवाले विश्व के लोगों के लिये प्रार्थना करें।   
मारचेल्लो कान्दिया तथा सन्त पापा पौल षष्टम की मुलाकात का स्मरण दिलाते हुए पोप फ्राँसिस ने बताया कि पौल षष्टम ने उनसे कहा था, "यदि आप ब्राजील में अस्पताल बनाते हैं, तो उसे ब्राजील की शैली में बनायें ..."। यही है, स्थानीय वास्तविकता में अच्छी तरह से एकीकृत होना, स्थानीय लोगों को शामिल करना। किसी भी प्रकार की पितृसत्तात्मकता से "सावधान रहें - अपने विचारों को दूसरों पर न थोपें, भले ही आपके इरादे अच्छे हों।"
पोप फ्राँसिस ने कहा, मैं आप सबको बधाई देता हूँ क्योंकि आप सब भी इसी मार्ग पर चल रहे हैं। वस्तुतः, आपका न्यास अपने आप कार्यों का प्रबंधन नहीं करता है, लेकिन स्थानीय समुदायों और मिशनरियों को बीमारों, कुष्ठ रोगियों तथा अन्य ज़रूरतमन्दों की सहायता हेतु समर्थन देता है। पोप ने उनसे अपने कार्यों में नित्य आगे बढ़ते रहने तथा समाज से वंचित कर दिये गये एवं बहुष्कृत लोगों को ध्यान में रखने का आग्रह किया।   

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