पौलिन परिवार से पोप ˸ प्रार्थना एवं सभी संचार माध्यमों द्वारा ख्रीस्त का प्रचार करें

संत पिता फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार, 25 नवम्बर को धन्य जेम्स अलबेरियोने की 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पौलिन परिवार के 150 सदस्यों से वाटिकन में मुलाकात की तथा उन्हें सबी आधुनिक संचार माध्यमों द्वारा ख्रीस्त का प्रचार करने का प्रोत्साहन दिया।
धन्य जेम्स अल्बेरियोने की 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रोम में एकत्रित पौलिन परिवार के सदस्यों का स्वागत करते हुए संत पिता फ्राँसिस ने कहा, "यह वर्षगाँठ कलीसिया के लिए और खासकर, आप सभी के लिए है, जो पवित्र आत्मा द्वारा धन्य अल्बेरियोने में और उनके माध्यम से सम्पन्न महान कार्यों को याद करने तथा नये सुसमाचार प्रचार के परिपेक्ष्य में वर्तमान संदर्भ में उनके कारिज्म के महत्व को पुष्ट करने का उपयुक्त अवसर है।" संत पिता फ्राँसिस ने कहा कि वास्तव में, आपके संस्थापक बड़ी दूरदर्शिता के साथ बीसवीं शताब्दी के लिए "ईश्वर के वचन के प्रचार" ( 2थेस 3:1) और इसका प्रचार तकनीकी प्रगति के साथ सबसे प्रभावशाली उपकरणों एवं भाषाओं के प्रयोग द्वारा  किये जाने की आवश्यकता को समझने में सक्षम थे।
संत पौल छटवें के शब्दों में धन्य अल्बेरियोने के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए पोप फ्राँसिस ने कहा कि वे "विनीत, शांत, अथक, हमेशा जागरूक, विचारों में एकरूपता स्वभाव के थे जो प्रार्थना से कार्य में प्रवाहित होता, वे हमेशा "समय के संकेतों" की छानबीन करने में तत्पर थे, जो आत्माओं तक पहुँचने का सबसे शुद्ध तरीका है। संत पिता फ्राँसिस ने कहा कि डॉन अलबेरियोने ने कलीसिया को एक नया उपकरण प्रदान किया है ताकि वह अपने आपको व्यक्त कर सके, नया अर्थ दिया ताकि प्रेरिताई को ताकत और चौड़ाई दिया जा सके, आधुनिक दुनिया में और आधुनिकता के साथ उसके मिशन की वैधता एवं संभावना की नई क्षमता और नई जागरूकता दी जा सके।
संत पिता फ्राँसिस ने सदस्यों से कहा कि वे उन्हें एक समर्पित व्यक्ति के रूप में उनके अस्तित्व के ठोस होने की चुनौती देते हैं जो प्रार्थना में समय के चिन्ह की छान-बीन कर सके, प्रेरितिक योजनाओं को आज के लोगों की परिस्थितियों और जरूरतों के अनुकूल बनाने में सक्षम हो सके।  
संत पिता फ्राँसिस ने याद दिलाया कि डॉन अलबेरियोने प्रेरित संत पौलुस को उनका सच्चा संस्थापक बतलाते थे। वे उन्हें अपनी प्रेरणा एवं पिता मानते थे जिन्होंने येसु ख्रीस्त एवं सुसमाचार के प्रचार के लिए सब कुछ दान कर दिया था। वे सिद्धी के मार्ग में ईश्वर के प्रति उनके प्रेम से प्रेरित थे। संत पौलुस सुसमाचार के लिए उत्साहित थे जो उनके कई प्रेरित पत्रों में प्रकट होता है। "मैं यह सब कुछ सुसमाचार के कारण कर रहा हूँ जिससे मैं भी इसके कृपादानों का भागी बन सकूँ।" (1कोर.9,23)  
उन्होंने पौलिन परिवार की विशेषता पर गौर करते हुए कहा कि वे विविधता को विशिष्टता के रूप में देखते हैं, इसी मनोभाव के कारण उन्हें संत पौलुस के पुत्र-पुत्रियाँ होने का अधिकार प्राप्त है। जिसके लिए पौलिन परिवार का हर धर्मसमाज एवं संस्था सुसमाचार प्रचार हेतु अपना विशेष योगदान देता है।
संत पिता फ्राँसिस ने कलीसिया में पौलिन परिवार की उपस्थिति को आवश्यक बतलाते हुए कहा, "यह सच है कि तकनीकी विकास ने पूरे कलीसियाई समुदाय को सम्प्रेषण के आधुनिक उपकरणों को सामान्य प्रेरितिक देखभाल के तत्व के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया है, फिर भी, आपकी उपस्थिति अब भी जरूरी है" निश्चय ही, अपने कारिज्म से प्रेरित तथा कार्य क्षेत्र में प्रेरिताई के अनुभव से समृद्ध होकर।  
संत पिता फ्राँसिस ने उन्हें सिनॉडल यात्रा में सहयोग देने का आग्रह किया तथा उन्हें धन्य अलबेरियोने की चाह अनुसार एक साथ कार्य करने का प्रोत्साहन दिया।  
अपने संस्थापक धन्य जेम्स अलबेरियोने के स्वर्ग में जन्म लेने की 50वीं वर्षगाँठ के अवसर को संत पिता फ्राँसिस ने उनके साक्ष्य की भविष्यवाणी के मूल्य को पहचानने का अवसर कहा। "उनके उदाहरणों पर चलते हुए एवं उनके निवेदन के द्वारा आप भी संचार माध्यमों को एक उपदेश मंच बना सकते हैं।" ताकि हमारे समय के लोगों के लिए येसु ख्रीस्त को प्रकट किया जा सके। संत पापा ने उनके समर्पण के लिए धन्यवाद दिया एवं ईश प्रजा के लिए प्रार्थना करने की सलाह दी कि वे ईश वचन, ईश्वर की महिमा एवं लोगों की शांति से अधिक पोषित हो सकें।
अंत में उन्होंने सभी सदस्यों को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया, उन्हें सामान्य लोगों से सीखने की प्रेरणा दी एवं अपनी प्रार्थनाओं का आश्वासन देते हुए अपने लिए प्रार्थना का आग्रह किया।

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