पोप भूमध्य खेलों से : 'खेल संस्कृतियों के बीच सेतु बना सकता है'

पोप फ्राँसिस ने 19वें भूमध्यसागरीय खेलों के तर्ज पर "राष्ट्रों के समूह" में भाग लेने वालों को एक संदेश भेजते हुए कहा कि खेल संघर्ष के कारण पैदा हुए विभाजन को दूर करने में मदद कर सकता है।
भूमध्यसागरीय खेलों के 19वें संस्करण में कई प्रतिभागियों ने 2 जुलाई को अल्जीरियाई शहर ओरान में सांताक्रूज की हमारी माता मरियम के तीर्थालय में पवित्र मिस्सा में भाग लिया।
पोप फ्राँसिस ने "राष्ट्रों के समूह" को अपना अभिवादन भेजा और एथलीटों से आग्रह किया कि वे "अपना सर्वश्रेष्ठ दें।"
"भूमध्यसागरीय खेल एक प्रकार के खेल का एक ठोस गवाह है जो धर्मों और विभिन्न संस्कृतियों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर सकता है, एक पुल जो अब पहले से कहीं अधिक आवश्यक है, क्योंकि भूमध्यसागरीय अक्सर एक विशाल कब्रिस्तान बन जाता है।"
पोप ने कहा कि प्रामाणिक खेल ईमानदारी और अन्य लोगों के सम्मान पर आधारित है। मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देकर खेल हमें युद्ध की त्रासदी से बचने में मदद करता है।
पोप फ्राँसिस ने वाटिकन एथलेटिक्स के एक छोटे दल को आमंत्रित करने के लिए भूमध्यसागरीय खेलों के आयोजकों को धन्यवाद दिया, जो इस आयोजन में उनके राजदूत के रूप में कार्य कर रहे हैं।
"वाटिकन एथलेटिक्स युवा प्रवासियों और विकलांग लोगों के स्वागत के माध्यम से खेल में निहित एकजुटता का ठोस गवाह है।"
पोप ने एथलीटों को खेल को "एकता और बंधुत्व का अनुभव" करने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए अपने संदेश को समाप्त किया।
उन्होंने कहा, "इस भावना में, मैं आपको सांताक्रूज की हमारी माता मरियम की मातृत्व देखभाल के तहत जीवन की महान दौड़ को एक साथ आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित करता हूँ।"

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