पोप ने यूक्रेन में पीड़ा के लिए शोक व्यक्त किया, प्रार्थना की अपील की

पोप फ्राँसिस ने स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत विभिन्न घटनाओं की याद की खासकर, यूक्रेन के मरियुपोल शहर की, जिसे "मरियम का शहर" कहा जाता है। शहर में इन दिनों बर्बरतापूर्वक बमबारी कर उसे ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने यूक्रेन के पीड़ित बच्चों और बुजूर्गों की विशेष रूप से याद की। उन्होंने विश्वासियों का आह्वान किया किया की शांति के लिए हर रोजरी माला प्रार्थना की जाए।
पोप ने कहा, "हमारा ध्यान तुरन्त यूक्रेन के मरियुपोल की ओर जाता है। मरियम का शहर, जहाँ क्रूरता पूर्वक बमबारी की गई है और जिसे नष्ट कर दिया गया है। अभी, यहाँ से मैं सुरक्षित मानव गालियारे की अपनी अपील दोहराता हूँ जहाँ लोग अब भी फंसे हुए हैं। मैं यूक्रेनी लोगों की पीड़ा देखकर दुखी हूँ और रोता हूँ, विशेष रूप से, सबसे कमजोर, बुजुर्गों और बच्चों के बारे में सोचता हूँ। यहां तक कि बच्चों को निकाले और निर्वासित किए जाने की भी भयानक खबर है। और जब हम मानवता के भयांकर पतन को देख रहे हैं, मैं कई परेशान लोगों के साथ आश्चर्य करता हूँ कि क्या हम सचमुच शांति की खोज कर रहे हैं। अगर हम हथियारों को चुप रखने का हर संभव कोशिश कर रहे हैं तो क्या निरंतर सैन्य और मौखिक तनाव के बढ़ने से बचने की इच्छा रखते हैं।"
पोप ने कहा, "हथियारों के पेंचदार हिंसा के तर्क को आत्मसमर्पण न किया जाए। आइये हम वार्ता और शांति का रास्ता अपनायें।" तब संत पापा ने शांति के लिए मौन प्रार्थना की।
उन्होंने मिलान शहर में फादर मारियो चिचेरी और अरमिदा बरेल्ली की धन्य घोषणा की जानकारी देते हुए कहा, "कल मिलान में फादर मारियो चिचेरी और अरमिदा बरेल्ली की धन्य घोषणा हुई।" फादर मारियो चिचेरी सहायक पुरोहित थे जो प्रार्थना करने और पापस्वीकार सुनने हेतु समर्पित थे, वे रोगियों से मुलाकात करते थे और एक विनम्र शिक्षक एवं सुरक्षित मार्गदर्शक के रूप में बच्चों के साथ रहते थे। वे एक चरवाहे के आदर्श उदाहरण थे।
अरमीदा बरेली महिला युवा काथलिक एक्शन दल के संस्थापक एवं संचलक थे। उन्होंने कलीसिया और समाज में समर्पित होने हेतु लड़कियों का आह्वान करने के लिए पूरी इटली का भ्रमण किया। उन्होंने पवित्र हृदय को समर्पित महिला एवं काथलिक यूनिवर्सिटी, की स्थापना में फादर जेमेली का सहयोग किया जो आज अपना वार्षिक दिवस मना रहा है। संत पापा ने उन्हें ताली बजाकर सम्मानित किया।
पोप ने मई महीना की याद दिलायी जो माता मरियम के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा, "आज ईश्वर की माता को समर्पित महीना शुरू हो रहा है। मैं सभी विश्वासियों और समुदायों को निमंत्रण देना चाहता हूँ कि मई महीने में हरेक दिन शांति के लिए रोजरी प्रार्थना करें।"
तत्पश्चात् विश्व मजदूर दिवस की याद करते हुए पोप ने कहा, "आज विश्व मजदूर दिवस है। यह प्रतिबद्धता को नवीकृत करने के लिए एक प्रोत्साहन हो ताकि काम हर जगह प्रतिष्ठित हो तथा शांतिपूर्ण अर्थव्यवस्था का विकास हो जो कार्य जगत से आता है।" उन्होंने कहा, "मैं उन मजदूरों की याद करता हूँ जो काम के दौरान मौत के शिकार हो गये हैं यह एक बृहद स्तर पर त्रासदी है।"
पोप ने विश्व प्रेस आजादी दिवस की भी याद की जिसको 3 मई को मनाया जाता है। संत पापा ने कहा, " मैं उन पत्रकारों को श्रद्धांजलि देता हूँ जो इस अधिकार की सेवा के लिए व्यक्तिगत रूप से कीमत चुका रहे हैं। पिछले साल दुनिया भर में 47 पत्रकार मारे गए थे और 350 से ज्यादा कैद हुए थे। उन लोगों का विशेष धन्यवाद, जिन्होंने साहस के साथ हमें मानवता के घावों के बारे में जानकारी दी है।"
उसके बाद संत पोप ने रोम तथा इटली एवं विश्वभर के तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया। अंत में, उन्होंने अपने लिए प्रार्थना का आग्रह करते हुए सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएँ अर्पित की।

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