पोप की लेबनान यात्रा पर मैरोनाइट धर्माध्यक्षों की प्रसन्नता

लेबनान में मारोनी रीति के काथलिक धर्माध्यक्षों ने आगामी माहों में मध्य पूर्वी देश लेबनान में पोप फ्राँसिस की प्रेरितिक यात्रा की सम्भवाना पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
परमधर्मपीठीय सुसमाचार प्रचार सम्बन्धी प्रेस एजेन्सी फीदेस समाचार ने बुधवार को प्रकाशित किया कि लेबनान के मैरोनाइट धर्माध्यक्षों ने "पोप फ्रांसिस की लेबनान यात्रा की ख़बर पर प्रसन्नता व्यक्त की है।" मारोनी रीति के काथलिक धर्माध्यक्षों की प्राधिधर्माध्यक्षीय पीठ लेबनान के बेकेर्के शहर से जारी एक बयान में धर्माध्यक्षों ने "ईश्वर से पोप फ्राँसिस को आशीर्वाद देने तथा लेबनान और सभी लेबनानी लोगों की भलाई के लिए उनकी समस्त इच्छाओं को पूरा करने के लिये प्रार्थना की।"
22 मार्च को वाटिकन में लेबनान के राष्ट्रपति मिखेल आऊन की पोप फ्राँसिस से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति आऊन ने एक ट्वीट सन्देश में बताया था कि आगामी जून माह में पोप फ्राँसिस की लेबनान यात्रा की सम्भावना है। 
राष्ट्रपति आऊन के ट्वीट के बाद वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक, मातेओ ब्रूनी ने पत्रकारों को एक संक्षिप्त बयान में कहा कि पोप फ्राँसिस की यात्रा "एक संभावना है जिसका अध्ययन किया जा रहा है।"
लेबनान द्वारा विगत कई वर्षों से सहे जा रहे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संकटों की पृष्ठभूमि में पोप फ्राँसिस ने हाल के वर्षों में कई बार लेबनान यात्रा की मंशा व्यक्त की थी।
लेबनान, मध्य पूर्व में, ईसाइयों का सबसे बड़ा प्रतिशत वाला देश है, जो आबादी के एक तिहाई से अधिक हैं। देश में काथलिक धर्मानुयायियों की संख्या सबसे बड़ी है, जो मुख्य रूप से पूर्वी रीति की कलीसियाओं और मारोनी रीति की काथलिक कलीसियाओं से संबंधित हैं।
ग़ौरतलब है कि पोप जॉन पौल द्वितीय सन् 1997 में तथा पोप बेनेडिक्ट 16 वें 2012 में लेबनान की प्रेरितिक यात्राएँ कर चुके हैं।

Add new comment

2 + 18 =