काथलिक दवा निर्माता महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका निभाते हैं, पोप

काथलिक दवा निर्माताओं के अंतर्राष्ट्रीय संघ के सदस्यों के साथ बैठक करते हुए, पोप फ्राँसिस ने समाज में इस पेशे की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसकी पुष्टि कोविड-19 महामारी के दौरान की गई है।
पोप फ्राँसिस ने सोमवार 2 मई को वाटिकन में काथलिक दवा निर्माताओं के अंतर्राष्ट्रीय संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। पोप ने उनका स्वागत करते हुए संघ के अध्यक्ष को उनके परिचय भाषण के लए धन्यवाद दिया। पोप उनकी सेवा की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारी कलीसियाई संघ हमेशा सभी के लिए और सभी की सेवा के लिए खुले हैं, स्वाभाविक रूप से मानव व्यक्ति की गरिमा पर स्थापित ख्रीस्तीय नैतिकता के सिद्धांतों के अनुपालन में।
पोप ने कहा कि कोविड -19 महामारी ने दवा निर्माताओं को सबसे आगे रखा है। लोगों ने उनमें सहायता, सलाह, सूचना, जीवन और दैनिक गतिविधियों के लिए आवश्यक परीक्षणों को जल्दी से पूरा करने में सक्षम होने के लिए एक संदर्भ बिंदु पाया है। इस संकट की स्थिति ने दवा निर्माताओं के रुप में उन्हें एक दूसरे का समर्थन करने की आवश्यकता को प्रेरित किया है। संत पापा ने इस संकट को एक अवसर के रूप में लेने और काथलिक परंपरा के विशिष्ट सहयोगी प्रतिबद्धता के मूल्य को फिर से शुरू करने के लिए संघ को बधाई दी।
पोप ने कहा कि दवा निर्माताओं के रुप में उनकी सामाजिक भूमिका नागरिकों और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच एक "पुल" की तरह हैं। महामारी ने उन पर बहुत ज्यादा दबाव डाला है, उन्हें पंगु तो नहीं परंतु उनकी प्रक्रियाओं को धीमा बना दिया था। इसमें ठोस रूप से अधिक असुविधा, अधिक पीड़ा और दुर्भाग्य से बीमार लोगों के लिए स्वास्थ्य में अधिक नुकसान शामिल है। इस संदर्भ में, दवा निर्माता आम भलाई में दोहरा योगदान प्रदान करते हैं, स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ को हल्का करते हैं और सामाजिक तनाव को भी कम करते हैं। बेशक, इस भूमिका को बड़ी समझदारी और पेशेवर गंभीरता के साथ निभाया जाना चाहिए।
पोप ने दवा निर्माताओं के एक अन्य योगदान का जिक्र किया, जिसका सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य भी है। पोप ने कहा, “दवा निर्माता एक अभिन्न पारिस्थितिकी में रूपांतरण के लिए कार्य कर सकते हैं। हम सब एक ऐसी जीवन शैली सीखने के लिए बुलाया गये हैं जो हमारे सामान्य घर का अधिक सम्मान करता है जिसमें ईश्वर ने हमें रखा है। सामान्य तौर पर खाने-पीने और जीने का एक स्वस्थ तरीका इस जीवन शैली का हिस्सा है। मुझे लगता है कि दवा निर्माता भी इस जीवन शैली को जीने हेतु लोगों को "शिक्षित" कर सकते हैं, स्वस्थ जीवन जीने के ज्ञान को बढ़ावा दे सकते हैं। यूरोप के मठों में प्राचीन फार्मेसी हैं। इसे पूर्वी देशों और अमेरिका के मूल लोगों की संस्कृतियों के ज्ञान और प्रथाओं से समृद्ध किया जा सकता है। दवा निर्माता झूठी भलाई के धोखे को उजागर करके, एक सच्चे "अच्छे जीवन" के लिए शिक्षित कर सकते हैं, जो कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं है बल्कि सभी को लाभ मिले।
अंत में पोप ने उन्हें शुमकामनाएँ देते हुए, माता मरियम और उनके संरक्षक संत जोन लेवनार्दो की मध्यस्ता में सौंपा और अपना सौहार्दपूर्ण आशीर्वाद दिया।  

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