उदारता और स्वीकृति के दैनिक भावों के साथ शांति का निर्माण करें, पोप 

पोप फ्राँसिस ने शनिवार 30 अप्रैल को स्लोवाकिया के तीर्थयात्रियों से वाटिकन के पौल षष्ठम सभागार में मुलाकात की। पूरे स्लोवाकिया से करीब 2500 तीर्थयात्री रोम आये हैं।
पोप से मुलाकात करते हुए ब्रातिस्लावा के महाधर्माध्यक्ष स्तानिस्लाव जोलेंस्की ने पोप फ्रांसिस को 2021 में उनकी स्लोवाकिया की प्रेरितिक यात्रा के लिए धन्यवाद दिया। 12 से 15 सितम्बर को अपनी प्रेरितिक यात्रा में, पोप ने स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा, प्रेसोव, कोशिचे और शस्तिन का दौरा किया था।
स्लोवाकिया में पोप की प्रेरितिक यात्रा का आदर्शवाक्य था, "मरियम और जोसेफ के साथ येसु के रास्ते पर"। महाधर्माध्यक्ष जोलेंस्की ने कहा, "इन शब्दों के मनोभाव में जो हमें अब भी प्रोत्साहित करते हैं हम आज भी चलने का प्रयास कर रहे हैं जब हम आपके पास आये हैं। इन महत्वपूर्ण स्थलों में हम ख्रीस्त पर हमारे विश्वास को प्रकट करना और मजबूत करना चाहते हैं। हम कुँवारी मरियम एवं संत जोसेफ की मध्यस्थता द्वारा हमारे परिवारों एवं समुदायों के लिए प्रार्थना करना तथा संत पेत्रुस के उत्तराधिकारी प्यारे संत पिता, आपके साथ हमारी एकता को व्यक्त करना चाहते हैं।"
महाधर्माध्यक्ष ने पोप को उनके सहृदय स्वागत के लिए धन्यवाद दिया तथा विभिन्न अवसरों पर उनके प्रोत्साहन की याद की। उन्होंने कहा कि आपने हमारा ध्यान पीड़ित लोगों के करीब रहने की ओर खींचा है, हमारे उन भाई बहनों के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रोत्साहित किया है जो कस्बों में रहते हैं। उन्होंने बतलाया कि वंचित परिवारों की मदद करने के द्वारा स्लोवाकिया की कलीसिया ने पोप के संदेश का पालन किया है। इन दिनों यूक्रेन में युद्ध के कारण हजारों लोग स्लोवाकिया आ रहे हैं जिन्हें सामाजिक एवं आध्यात्मिक सहायता प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम खुले हृदय से उनका स्वागत करना चाहते हैं।"
स्लोवाकिया के महाधर्माध्यक्ष ने पोप से आग्रह किया कि वे विश्वासियों को प्रेम, एकात्मता एवं देखभाल के मनोभाव को बनाये रखने हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने पोप से प्रार्थना एवं आशीष की याचना की तथा उन्हें अपनी प्रार्थनाओं का आश्वासन दिया।    
पोप फ्रांसिस ने स्लोवाकिया के तीर्थयात्रियों से मुलाकात करते हुए उन्हें ख्रीस्त के प्रति विश्वास में निष्ठावान रहने के लिए धन्यवाद दिया।  
स्लोवाकिया के 2500 तीर्थयात्री जो स्लोवाकिया में पोप की प्रेरितिक यात्रा के लिए धन्यवाद देने रोम आये हैं, पोप ने उन्हें सम्बोधित कर कहा, "यह मेरे लिए अत्यन्त खुशी की बात थी कि स्लोवाकिया की कलीसिया किस तरह विभिन्न रीतियों एवं परम्पराओं का धनी है जो पश्चिमी एवं पूर्वी ख्रीस्तीयों को एक साथ जोड़ता है।"
पोप ने कहा कि प्रेरितिक यात्रा में उनके बीच आकर वे उन्हें मुलाकात की शैली को अपनाने का प्रोत्साहन देना चाहते थे कि वे युवा, परिवार, बुजूर्ग एवं विभिन्न समुदाय एक साथ मिलकर रहें।
यूक्रेन का पड़ोसी देश होने के कारण स्लोवाकिया युद्ध से बहुत अधिक प्रभावित है, संत पापा ने उनसे शांति के लिए प्रार्थना और काम जारी रखने का आग्रह किया, जो दैनिक जीवन में उदारतापूर्वक स्वागत करने के मनोभाव द्वारा निर्मित होता है।
संत सीरिल एवं संत मेथोडियस की विरासत को सुरक्षित रखने का प्रोत्साहन देते हुए उन्होंने उन्हें सभी लोगों के साथ भाईचारा के सेतु का निर्माण करने का प्रोत्साहन दिया जिन्हें संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने ख्रीस्तीयता के दो फेफड़े की संज्ञा दी थी। संत पापा ने उन्हें अपने पड़ोसियों के साथ ख्रीस्तीय एकता संबंध को मजबूत बनाये रखने की सलाह दी, उन सभी के साथ जो मानवीय जीवन एवं पर्यावरण की जिम्मेदारपूर्ण देखभाल में दूसरों से भिन्न हैं। उन्होंने उनके लिए माता मरियम से प्रार्थना की कि वे उनकी यात्रा में उनका साथ दें एवं उन्हें आशा प्रदान करें।  

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