यूक्रेनी ग्रीक कलीसिया के धर्माध्यक्षों को संत पापा का संदेश

यूक्रेनी ग्रीक काथलिक कलीसिया के धर्माध्यक्ष और संत पापा फ्राँसिस

विभिन्न देशों से यूक्रेनी ग्रीक काथलिक कलीसिया धर्माध्यक्षीय धर्मसभा में भाग लेने आये हुए धर्माध्यक्षों को संत पापा ने अभिवादन कर धर्मसभा में पवित्र आत्मा के साहचर्य में कलीसिया की भलाई के लिए काम करने की प्रेरणा दी।
संत पापा ने कहा कि वे कोई भाषण देना नहीं चाहते क्योंकि उन्होंने वाटिकन में 5 जुलाई 2019 को हुई बैठक में सब कुछ कहा था, जो उन्हें कहना था। पर जैसा कि वे धर्मसभा में भाग लेने हुए आये हैं तो एक बात वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि धर्मसभा पवित्र आत्मा की उपस्थिति में होती है। संत पापा ने कहा कि धर्मसभा का मतलब, राय की जांच करना, सहमत होना और सिर्फ बैठक करना वगैरह नहीं है, धर्मसभा संसद नहीं है जहाँ मैं आपको यह देता हूँ, बदले में  आप मुझे वह देते हैं। नहीं! धर्मसभा समाजशास्त्रीय पूछताछ नहीं है, जैसा कि कुछेक का मानना ​​है: "चलो देखते हैं, हम जांच करने के लिए बुलाये गए लोगों के एक समूह पूछते हैं जिन बातों को हमें बदलना है ..."। आपको निश्चित रूप से यह जानने की जरूरत है कि आपके लोकधर्मी क्या सोचते हैं, लेकिन यह एक जांच नहीं है। संत पापा ने कहा कि धर्मसभा में पवित्र आत्मा की उपस्थिति जरुरी है। संत पापा पॉल छठे ने कलीसिया की पहचान पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट कहा था कि कलीसिया का मिशन कार्य सुसमाचार प्रचार करना है।वास्तव में: इसकी पहचान प्रचार में निहित है।

संत पापा ने कहा कि वे पवित्र आत्मा के साथ, इसी भावना को लेकर अपनी धर्मसभा में प्रवेश करें। आत्मा से प्रार्थना करें। “आप सभी आपस में झगड़ा भी करें ... पर एफेसुस के बारे में सोचें, उन लोगों ने कैसे संघर्ष किया! लेकिन वे अच्छे थे ... और अंत में पवित्र आत्मा ने उन्हें यह कहने के लिए प्रेरित किया: "मरिया, ईश्वर की माँ।" आप कलीसिया के निर्माण में आगे बढ़ें।”  ईश्वर और माता मरिया आपको आशीर्वाद दें।

अंत में संत पापा ने प्रणाम मरिया प्रार्थना की अगुवाई की और उन्हें अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

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