युवाओं के लिए एंटरप्रेन्योरशिप

आज एंटरप्रेन्योरशिप के लिए युवाओं के पास ढेरों आइडिया होते हैं । इन्हें लेकर वे खूब उत्साहित भी होते हैं, लेकिन किसी आइडिया को कामयाब बिजनेस में कैसे बदला जाए, इस बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं होती। किसी भी आइडिया को एंटरप्रेन्योरशिप में बदलने के लिए क्या किया जाए, आइए जानते हैं ...।

युवा एवं किशोर अक्सर यह कहते पाए जाते हैं कि उनके पास कई जोरदार आइडिया हैं, जिनसे पैसे कमाने का हुनर वे जानना चाहते हैं। कई किशोर तो यह शिकायत भी करते हैं कि उनके आइडिया को न तो कोई सुनना चाहता है और न ही कोई उसके लिए पैसे देने को तैयार होता है। जाहिर है, आइडिया से पैसे बनाने संबंधी बात पढ़ या सुनकर ऐसे किशोर व युवा सीधा- सा अर्थ यह ले लेते हैं कि अगर उनके पास कोई आइडिया है, तो उसके बदले में उन्हें खूब पैसे मिल सकते हैं। इस तरह की सोच उनकी गलतफहमी ही कही जाएगी। विचार को बिजनेस में बदलने के लिए कई बातों का ध्यान रखना होता है।

किसी भी आइडिया पर आगे बढ़ने से पहले खुद को साबित करने की जरूरत होती है। अगर आपके पास संबंधित क्षेत्र की गहरी जानकारी है, सूझ- बूझ, दूरदर्शिता और बिना घबराए अनवरत मेहनत करने का धैर्य है, तो सबसे पहले आप किसी छोटे बिजनेस से शुरुआत करते हुए खुद को साबित करें। ऐसे बिजनेस को हर फील्ड, जैसे मार्केटिंग, फाइनेंस, सेल्स, तकनीक, सर्विस आदि के लिहाज से आप अपना टेस्ट समझें। इस टेस्ट में पूरी तरह खरा उतरने के बाद न सिर्फ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि दूसरे लोग भी आप पर भरोसा करने लगेंगे। इसके बाद शायद कोई भी आपके आइडिया को या आपकी बात को हल्के में नहीं लेगा।

बिजनेस की गहराई को समझने और हर तरह के रिस्क से वाकिफ होने के लिए पहले कुछ समय किसी कंपनी/ संस्थान में काम करके अनुभव हासिल करें। वहां सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहें। इस दौरान अपनी संभावित एंटरप्रेन्योरशिप के लिए बुनियादी बारीकियों की जानकारी हासिल करते रहें। साथ ही, अपने काम की उच्च गुणवत्ता और अच्छे व्यवहार के द्वारा भविष्य में क्लाइंट्स से फंडिंग हासिल करने में आपको मदद मिल सकती है। उनसे आपको बिजनेस भी हासिल होगा।

अक्सर यह सवाल भी सामने आता है कि क्या अपना उद्यम शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ना जरूरी है या फिर नौकरी के साथ भी एंटरप्रेन्योरशिप की शुरूआत की जा सकती है? दरअसल, नौकरी करने वाले तमाम लोग (खासकर युवा) यह सोचते हैं कि जॉब करते हुए वे अपना समय नष्ट कर रहे हैं। उन्हें हमेशा यह लगता है कि अगर वे नौकरी छोड़कर अपनी पसंद के काम में मेहनत करें, तो वे कहीं ज्यादा कामयाब हो सकते हैं।

मगर, कोई फाइनेंशियल बैक- अप न होने के कारण ऐसे लोग नौकरी छोड़ने का रिस्क नहीं उठा पाते। नौकरी के दौरान अगर आपके पास गुंजाइश है, तो आप अपने आइडिया को और अधिक रिफाइन करते हुए उस पर ज्यादा से ज्यादा होमवर्क कर सकते हैं। इससे बिजनेस प्लान करना आसान हो जाता है। एक और अच्छी बात यह है कि नौकरी के दौरान आप कुछ सेविंग भी कर सकते हैं, जो बिजनेस शुरू करते समय आपके काम आ सकती है।

किसी भी बिजनेस में कई तरह के क्षेत्रों में काम करने की जरूरत होती है। चूंकि आप हर चीज में माहिर नहीं हो सकते, इसलिए शुरूआत अकेले करने के बावजूद जितनी जल्दी हो सके, एक अच्छी- कुशल टीम बनाएं। कई लोगों के साथ मिलकर काम करने में अलग- अलग पार्टनर अपनी विशेषज्ञता के आधार पर बिजनेस का अलग- अलग क्षेत्र संभाल सकते हैं । इससे हर क्षेत्र पर्याप्त मजबूत हो सकता है।

एंटरप्रेन्योरशिप का सबसे बड़ा सबक यह है कि किसी अयोग्य या गलत व्यक्ति को हायर न करें। अगर किसी कारण टीम में कोई गलत व्यक्ति आ भी जाए, तो यथाशीघ्र उसकी पहचान करके उसे हटाने में विलंब न करें। अगर आप बिजनेस बैकग्राउंड से नहीं हैं और पहली बार स्टार्ट- अप शुरू करने जा रहे हैं, तो किसी बड़ी कंपनी में काम करने वाले के बजाए मध्यम या छोटे स्तर की कंपनी से एक्सपर्ट्स को हायर करें। इतना ध्यान रखें कि अच्छी, मजबूत टीम के बिना आगे बढ़ना मुश्किल है।

अगर आप अपना बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं, तो छोटी- छोटी बातों पर भी ध्यान देना होगा। कोई भी निर्णय लेने से पहले हर पहलू पर बारीकी से गौर करें। शुरूआत में दूसरों पर कोई काम छोड़ने के बजाए हर काम पर खुद नजर रखें। चाहे डिजाइन का मामला हो या कंटेंट का या फिर डिलीवरी का, अगर सब कुछ आप अपनी नजरों के सामने कराएंगो , तो इससे आपका प्रोजेक्ट बिल्कुल आपके मनमाफिक होगा।

नौकरी हो या अपना काम, अगर आप समस्याओं पर आकर अटक जाते हैं और समाधान तक नहीं पहुंच पाते, तो आपके लिए बिजनेस शुरू करना मुश्किल हो सकता है। अगर कोई समस्या है भी, तो आप उसे हल करने के बारे में सोचें। इसका अभ्यास नौकरी के दौरान भी कर सकते हैं। जब भी कोई समस्या सामने आए, तो बॉस के सामने उसका समाधान लेकर जाएं। एंटरप्रेन्योरशिप के लिए समस्या को हल करने वाला दिमाग होना बेहद जरूरी है।

अपने बिजनेस के लिए हायरिंग करते समय डिग्री को तवज्जो देने के बजाए काम करने के एटीट्यूड पर ध्यान दें। जिसे आप हायर कर रहे हैं, उसमें कुछ कर गुजरने और खुद को साबित करने की भूख होनी चाहिए। ऐसे लोग ही आपके सपनों को पूरा करने में आपके साथ चल सकते हैं और आपके बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

  • जो व्यक्ति किसी प्रॉब्लम को एनालाइज करके उसका समाधान निकाल सकता है, वह स्टार्ट- अप शुरू कर सकता है।
  • दूसरों से फंडिंग हासिल करने के लिए पहले अपने काम से खुद को साबित करके दिखाएं और उनका भरोसा जीतें।
  • नौकरी के दौरान अपने संभावित बिजनेस की बारीकियों का ध्यान रखें और ज्यादा से ज्यादा सीखने को तत्पर रहें ।
  • हर काम खुद करने के बजाए काम करने की ललक रखने वालों की मजबूत टीम बनाएं ।

 

स्कूल एग्जाम में बिल गेट्स को 1600 में से 1590 नंबर मिले थे। पढ़ाई के समय ही कम्प्यूटर प्रोग्राम बनाकर उन्होंने 4200 डॉलर कमा लिए थे। उन्होंने अपने टीचर से कहा था कि मैं 30 साल की उम्र में करोड़पति बनकर दिखाऊंगा और महज 31 साल की उम्र में वे अरबपति बन गए। ऐसी विलक्षण प्रतिभा के धनी माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स से जानें उनकी सफलता के राज ...।

अक्सर लोग थक - हारकर बैठ जाते हैं कि अब तो कुछ नहीं हो सकता लेकिन यकीन मानिए, हर वक्त आपके पास तरक्की करने का वक्त होता है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप बैठ जाते हैं या आगे बढ़ते हैं। मैं बहुत आशावादी हूं मगर बहुत उतावला भी हूं। उतावलेपन ने मुझसे कम उम्र में ही वह सब करवाया, जो अन्य लोग बड़ी उम्र में भी नहीं कर पाते।

अगर आपकी सोच सही है और आप कुछ अच्छा करना चाहते हैं, तो बस इतना ही काफी नहीं है। आपको अपनी सोच को एक्शन में बदलना होगा। किसी चीज की धुन को कैसे अमल में लाएं, इसके लिए जरूरी है कि आप एक्शन लें। विचार कई लोगों के पास होते हैं। असल बात उन पर अमल करने की होती है। यह तभी होगा, जब आपको सही दिशा की पहचान होगी। सही रास्ता आपको सही मंजिल पर ले जाएगा। आप सही दिशा में तभी जा सकते हैं, जब आपके साथ अच्छे लोग होंगे। आपके दोस्त अच्छे हों, आपके टीचर अच्छे हों, बेहतर और साफ चरित्र वाले लोग आपसे जुड़ते रहें। आस- पास अच्छे लोग रहेंगे, तो आप खुद -ब -खुद आगे बढ़ते रहेंगे। आस-पास गलत लोग रहेंगे, तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपने कितना कुछ बर्बाद कर लिया!

हमेशा आपके लिए कोई बना- बनाया रास्ता तैयार नहीं रहेगा। आपको कुछ तो करना ही होगा। कभी लोगों को यह भी लग सकता है कि आप सनकी हैं। कई बार आपके कदम मंजिल के करीब हो सकते हैं, लेकिन आपको इस बारे में पता ही नहीं चल पाता या आपको वह रास्ता नजर ही नहीं आता। इसलिए आपको अपना रास्ता खुद बनाना होगा। साथ ही, यह भी देखते रहना होगा कि कौन- सा रास्ता आपको मंजिल तक सबसे पहले, कम- से -कम नुकसान पहुंचाएगा।

जब भी दुनिया को आभास होगा कि आप क्या हैं, आप नजरों में आएंगे और इन्हीं मूल्यों के कारण लोग आपकी ओर खिंचते चले आएंगे। माइक्रोसॉफ्ट का ही उदाहरण लें। हमारा जज्बा दुनिया बदलने का था। इसीलिए लोग इससे जुड़ते चले गए और हम सबकी जिंदगी टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन से और भी बेहतर बनती चली गई। आप किसी भी फील्ड में हों पढ़ाई, जॉब, समाज- सेवा में या फिर आप होममेकर ही क्यों न हों। हर जगह आपको इनोवेशन करते रहना होगा। तभी आप खुश रह पाएंगे और आगे बढ़ पाएंगे। एक ही तरह के ढर्रे पर चलते रहने से न तो आपको कुछ हासिल होगा और न ही आप इस दुनिया कुछ दे पाएंगे। ऐसी स्थिति में आपके अस्तित्व का कोई मतलब ही नहीं होता है।

ऐसा नहीं है कि कोई ऐसा तरीका है, जिससे सारी समस्याओं का हल मिल जाए या फिर सारी टेंशन खत्म हो जाए, लेकिन समस्याओं को जितना बड़ा करके देखेंगे, वे उतनी ही बड़ी होती जाएंगी। पूरा दिन काम करने के बाद मैं रात को सोने से पहले एक घंटे किताब पढ़ता हूं। यह मेरी दिन भर की टेंशन काफी कम कर देता है। अपना हर काम, हर प्रोजेक्ट पूरी प्लानिंग के साथ करें। आपको पूरे दिन का शेड्यूल बनाना चाहिए कि कब क्या करना है, कैसे करना है। कोशिश करें कि हर काम नियत समय पर ही पूरा हो। यही प्लानिंग पूरी जिंदगी के साथ भी होनी चाहिए।

आप इस दुनिया से बहुत कुछ ले तो रहे हैं, लेकिन जरा यह भी तो सोचें कि आप वापस क्या दे रहे हैं! फिर तय करें कि आप इस दुनिया को क्या दे सकते हैं। बचपन से ही यह बात मेरे मन में बार- बार हिट करती थी और आज भी हिट करती है कि मैं इस दुनिया के लिए क्या बेहतर कर सकता हूं।

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