दो अन्धों को दृष्टिदान

सन्त मत्ती के अनुसार पवित्र सुसमाचार
9:27-31

ईसा वहाँं से आगे बढ़े और दो अन्धे यह पुकारते हुये उनके पीछे हो लिए, "दाऊद के पुत्र! हम पर दया कीजिये"।

जब ईसा घर पहुँचे, तो ये अन्धे उनके पास आये। ईसा ने उन से पूछा, "क्या तुम्हें विश्वास है कि मैं यह कर सकता हूँ ? उन्होने कहा, "जी हाँ, प्रभु!

तब ईसा ने यह कहते हुए उनकी आँखों का स्पर्श किया, "जैसा तुमने विश्वास किया, वैसा ही हो जाये"।

उनकी आँखें अच्छी हो गयीं और ईसा ने यह कहते हुये उन्हें कड़ी चेतावनी दी, "सावधान! यह बात कोई न जानने पाये"।

परन्तु घर से निकलने पर उन्होंने उस पूरे इलाक़े में ईसा का नाम फैला दिया।

Add new comment

4 + 16 =