संत फ्राँसिस असीसी ˸ इस समय के लिए एक प्रेरणा

काथलिक कलीसिया 4 अक्टूबर को महान प्रकृति प्रेमी संत फ्राँसिस असीसी का पर्व मनाती है। इस अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने संत के उदाहरणों पर चलने का प्रोत्साहन दिया। कार्डिनल मात्तेओ जूप्पी ने संत फ्राँसिस के शहर असीसी में ख्रीस्तयाग अर्पित किया।
4 अक्टूबर को जानवरों, व्यापारियों, पारिस्थितिकी और - 1939 से - इटली के संरक्षक माने जानेवाले संत फ्राँसिस असीसी का पर्व मनाया जाता है। इन दिन भाईचारा और शांति हेतु संत फ्राँसिस के संदेश पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है जिसकी आज युद्धग्रस्त विश्व में बहुत अधिक आवश्यकता है।
पोप फ्राँसिस ने विश्वासियों को संत फ्राँसिस असीसी की याद दिलाते हुए एक ट्वीट पर लिखा, "संत फ्राँसिस असीसी जिन्होंने सूर्य, समुद्र और वायु को अपना भाई के रूप में देखा, सभी ओर शांति का बीज बोया, और गरीबों, उपेक्षितों, बीमार, बहिष्कृत एवं निम्न लोगों के साथ चले। आइये, हम उनका अनुसरण करें।" 
इटली के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल मात्तेओ जूप्पी ने असीसी में ख्रीस्तयाग अर्पित किया, जिसमें इटली के राष्ट्रपति सेरजो मत्तारेल्ला भी उपस्थित हुए।
अपने उपदेश में कार्डिनल जूप्पी ने यूक्रेन में युद्ध तथा कोविड-19 महामारी की याद की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया कि महामारी का अनुभव स्थायी परिवर्तन की ओर ले जाता है: "क्या यह एक गंभीर ऐतिहासिक घटना नहीं है जिससे हम सीखने में असमर्थ रहे।"
कार्डिनल ने बतलाया कि संत फ्राँसिस किस तरह इस समय प्रेरणा प्रदान कर सकते हैं।  
उन्होंने कहा, "संत फ्राँसिस - एक ऐसी दुनिया में जो भेड़ियों और हिंसक या भयभीत नागरिकों से भरी है, दीवार और तलवारों, शूरवीरों और लुटेरों, युद्धों और दुश्मनी, इतनी नफरत से प्रदूषित हो गई है कि शांति की बात करना असंभव हो गया है - बताते है कि भाईचारा, हथियार रहित दुनिया की एक ऐसी योजना तैयार करता है जहाँ सबसे गरीब और सबसे कमजोर लोगों के लिए भी जगह है।”

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