लोगों को आघात से उबरने में मदद करती एक मनोचिकित्सक धर्मबहन

सिस्टर तेरेसियन बार्टोनोवा, एक मनोचिकित्सक धर्मबहन, आघात के लक्षणों को कम करने हेतु अपने एक उपयुक्त उपकरण के खोज का वर्णन करती हैं और बताती हैं कि मोराविया में एक विनाशकारी बवंडर के पीड़ितों की देखभाल करने से यूक्रेन में युद्ध के घायलों के इलाज का मार्ग प्रशस्त हुआ। (सिस्टर तेरेसियन बार्टोनोवा द्वारा)

सिस्टर तेरेसियन कहती हैं, “मैं संत चार्ल्स बोर्रोमेयो की दया की बहनों के धर्मसंघ की सदस्य हूँ। हमारा धर्मसंघ एक बहुत सक्रिय हैं, साथ ही प्रार्थना और मनन चिंतन पहलू हमारे लिए मौलिक है। हमारा मिशन उन लोगों के करीब होना है जो पीड़ित हैं। तीस साल के युद्ध के बाद, हमारी पहली धर्मबहनों ने फ्रांस में नैन्सी की सड़कों पर प्लेग पीड़ितों की देखभाल की।

एक नर्स होने के नाते, मैंने कई वर्षों तक प्राग के हमारे अस्पताल के विभिन्न वार्डों में काम किया। वहीं पर किसी व्यक्ति की आंतरिक और मनोवैज्ञानिक गतिशीलता को बेहतर ढंग से समझने की मेरी इच्छा बढ़ी। कुछ मरीज मुझे अपनी कहानियां, अपनी पीड़ा बताते थे और कभी-कभी उनके रिश्तेदारों को भी साझा करने की आवश्यकता महसूस होती थी। मैंने महसूस किया कि सुनने से दुख कम करने में मदद मिलती है और उन लोगों की मदद करने के लिए पर्याप्त साधनों की आवश्यकता होती है जो अपना दर्द मुझे बताते हैं।

मैंने धर्मशास्त्र का अध्ययन करना शुरू किया और साथ ही आंतरिक घावों के विषय में भी दिलचस्पी लेने लगी। धर्मशास्त्र में मेरे शोध का विषय, “आध्यात्मिक विकास के लिए स्वीकृति और व्यक्तिगत उपचार का महत्व” था। मेरे शोध पर्यवेक्षक ने, जो स्वयं एक मनोवैज्ञानिक हैं, मुझे मनोविज्ञान का अध्ययन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

मैं रोम आई और परमधर्मपीठीय ग्रेगोरियन विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान संस्थान में दाखिला लिया। जब मैं प्राग लौटी, तो मैंने एक मनोचिकित्सक के रूप में काम करना शुरू किया, जटिल आघात वाले कई रोगियों की बातों को सुना। उनमें से कुछ का यौन शोषण किया गया था, आघात का एक रूप जिसके लिए नाजुक और बहुत ज्यादा समय देने की आवश्यकता होती है। मैंने इन लोगों की बेहतर मदद करने के तरीके को समझने के लिए जितना हो सके उतना अध्ययन करने की कोशिश की और मैं अधिक से अधिक प्रभावी तरीकों की खोज करती गई।

इस संदर्भ में मैं ईएमडीआर (आई मूवमेंट डिसेन्सिटाइजेशन एंड रिप्रोसेसिंग) थेरापी से परिचित हुई।

यह तकनीक रोगियों को उनके तंत्रिका नेटवर्क में फंसी दर्दनाक यादों के प्रसंस्करण के माध्यम से उनकी पीड़ा से उबरने में मदद करती है, जिससे कई लक्षण पैदा होते हैं। ईएमडीआर पद्धति में विभिन्न प्रकार के उपचार होते हैं जिन्हें रोगी की समस्या के अनुसार लागू किया जा सकता है, जो दो प्रकार के आघात से उत्पन्न हो सकता है: बचपन में पीड़ित संबंधपरक आघात और जीवन की कठिन परिस्थितियों (आपदाओं, यातायात दुर्घटनाओं, भूकंप, युद्ध, आदि) के कारण आघात।

विभिन्न तकनाकों के अलावा, ऐसे उपकरण भी हैं जिनका उपयोग दर्दनाक घटना के तुरंत बाद लोगों को अपने तंत्रिका तंत्र को स्थिर करने और हस्तक्षेप के लक्षणों को संसाधित करने में मदद करने के लिए किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, एक साल पहले चेक गणराज्य में एक बवंडर आया था जिसने मोराविया के पांच गांवों को तबाह कर दिया था। ईएमडीआर एसोसिएशन (चेक इंस्टीट्यूट फॉर साइकोट्रॉमैटोलॉजी और ईएमडीआर), जिसकी स्थापना 2020 में हुई थी, हमारे इतालवी सहयोगियों के संपर्क में आया। उस आपदा के दौरान, ईएमडीआर इटली के अध्यक्ष डॉ. इसाबेल फर्नांडीज ने हमारा बहुत समर्थन किया था। उन्होंने हमें लोगों से संपर्क करने और स्थिति का सामना करने में मदद करने के लिए उपकरण दिए।

मेरी सहयोगी सुसाना सेपेलिकोवा, हमारे संघ की अध्यक्ष के साथ, हम क्षेत्र में लोगों के साथ काम करने के लिए मोराविया गए। उस समय के दौरान, हमने मेक्सिको के एक ईएमडीआर सहयोगी डॉ इग्नासियो जारेरो से भी संपर्क किया, जिन्होंने समूह चिकित्सा के लिए विशिष्ट तरीके विकसित किए जो आपदा संदर्भों में बहुत उपयोगी हैं, जहां व्यक्तिगत रूप से रोगियों की देखभाल करना मुश्किल होता है और समूह सत्र अक्सर आवश्यक होते हैं।

इस अनुभव ने हमें यूक्रेनी आपातकाल के लिए तैयार किया। युद्ध शुरू होने के एक हफ्ते बाद, सुसाना सेपेलिकोवा ने यूक्रेन में हमारे सहयोगियों, मनोवैज्ञानिकों और मनोचिकित्सकों के लिए यूक्रेनी ईएमडीआर एसोसिएशन के सहयोग से और ईएमडीआर यूरोप और डॉ जारेरो के समर्थन से कुछ ऑनलाइन पाठ्यक्रम आयोजित किए। तब से, हमने 1,500 से अधिक यूक्रेनी सहयोगियों के लिए कई पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं जो क्षेत्र में व्यावहारिक सहायता प्रदान करने में सक्षम हैं।

जून में, वालेंसिया में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय ईएमडीआर सम्मेलन के दौरान, मैं कुछ यूक्रेनी सहयोगियों से मिलकर उनका साक्ष्य एकत्र की।

विशेष रूप से, उनमें से एक, जो एक सैन्य अस्पताल में काम करता है, मुझे बताया कि ईएमडीआर पद्धति का उपयोग घायल सैनिकों के शारीरिक उपचार पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है, क्योंकि इससे उन्हें आघात से निपटने में मदद मिलती है और तंत्रिका तंत्र को आराम मिलता है। यह उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए अधिक ग्रहणशील बनाता है। इस भयानक और कठिन समय के दौरान, हमने पारस्परिक निकटता, एकजुटता और कोमलता का भी अनुभव किया है।

मानवीय स्तर पर यह एक खूबसूरत अनुभव था क्योंकि हमने देखा कि अगर हमें दुखद वास्तविकताओं का सामना करना पड़े तो हम एक दूसरे की मदद करने में सक्षम हैं।

एकात्मता हमारे द्वारा अनुभव की जाने वाली सबसे दर्दनाक स्थितियों में भी अच्छाई और सुंदरता के फूल खिला सकती है।

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