फिलीपींस के धर्माध्यक्षों द्वारा जलवायु संकट के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प

फिलीपींस के धर्माध्यक्षों ने एक प्रेरितिक पत्र जारी किया है जो अक्षय ऊर्जा और अन्य टिकाऊ प्रणालियों के प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु आदर्श नेतृत्व करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। फिलीपींस के धर्माध्यक्षों ने 2025 तक पारिस्थितिक रूप से हानिकारक गतिविधियों में निवेश किए गए वित्तीय संस्थानों और निगमों से, सभी स्थानीय कलीसियाओं की संपत्ति को विनिवेश करने तथा खनन कंपनियों सहित सभी पर्यावरणीय "विनाशकारी" उद्योगों से अनुदान को अस्वीकार करने पर सहमति जतायी है।
संकल्प पिछले सप्ताह पारिस्थितिकी पर उनकी दो दिवसीय ऑनलाइन सभा के बाद 29 जनवरी को जारी एक नए प्रेरितिक वक्तव्य में निहित है। जलवायु संकट के मुद्दे पर 2019 में जारी प्रेरितिक पत्र के बाद, यह पत्र धर्माध्यक्षों की प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है कि वे ऊर्जा के नवीकृत प्रयोग एवं अन्य सतत् प्रणालियों को बढ़ावा देना चाहते हैं जैसा कि ग्लासगो में आयोजित कोप 26 द्वारा आह्वान किया गया है।

कोप 26 ˸ नवीनतम जलवायु समझौता आशाओं और अपेक्षाओं से कम
धर्माध्यक्षों ने गौर किया कि कोविड-19 महामारी के कारण कुछ समय रूकने के बाद दुनिया फिर से प्रदूषण की दिशा में लौट रही है जिसने हमारे आमघर को बहुत अधिक क्षतिग्रस्त कर दिया है तथा आपदाओं को बढ़ा दिया है।
धर्माध्यक्षों ने लिखा है, "इस वैश्विक आपातकाल के समय में एक सबसे कमजोर देश के रूप में फिलीपींस की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सतत् विकास के रास्ते पर चले जिससे वर्तमान एवं भावी दोनों पीढ़ियों के लिए मार्ग संभव हो सके तथा सभी लोगों की आवाज सुनी जाए।"
उन्होंने कहा है कि "यह सुनिश्चित करने का कार्य आगामी राष्ट्रीय चुनाव के संदर्भ में और अधिक स्पष्ट हो जाता है जो जलवायु एवं पारिस्थितिक कार्रवाई के लिए इस महत्वपूर्ण दशक के दौरान हमारे देश में शासन को आकार देगा।"
अतः धर्माध्यक्षों ने आमघर की देखभाल हेतु ठोस पारिस्थितिक कार्रवाई पर जोर दिया है। उन्होंने सभी कलीसियाओं का आह्वान किया है कि वे अपनी आर्थिक सम्पति को कोयला चालित विद्युत संयंत्र, खान कम्पनी और ऐसी परियोजनाओं में न लगायें जो पर्यावरण को नष्ट करते तथा स्थानीय समुदायों को प्रभावित करते हैं।
सीबीसीपी ने कलीसियाओं के धर्मगुरूओं से, खनन उद्योगों से जुड़े कार्यों के मालिकों से अनुदान स्वीकार नहीं करने की नीति का पालन करने का निमंत्रण दिया है, खासकर, कोयला, जीवाश्म गैस, खनन, लकड़ी आदि।   
फिलीपींस के धर्माध्यक्षों ने अपनी प्रतिबद्धता में लौदातो सी राष्ट्रीय कार्यक्रम को लागू करने पर जोर दिया है। जिसको 2019 में फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा पूरी कलीसियाई समुदाय के लिए जारी किया गया था। इसके अनुसार हरेक धर्मप्रांत को एक विशेष "पारिस्थितिक मेज" स्थापित करना था।
बयान में पूरे देश के धर्मप्रांतों को प्रोत्साहन दिया गया है कि वे नागरिक समाज एवं अन्य धर्मों से जुड़े संस्थाओं से सहयोग करते हुए, स्कूलों में पर्यावरण से संबंधित शिक्षा पर जोर दें। सीबीसीपी ने वार्षिक रूप से "सृष्टि के मौसम" एवं "लौदातो सी" सप्ताह को मनाने का निर्णय लिया है।

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