पृथ्वी दिवस पर तत्काल कार्रवाई की मांग

विश्वव्यापी स्तर पर मनाये जा रहे पृथ्वी दिवस पर चिन्तन करते हुए अखण्ड मानव विकास सम्बन्धी परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल माईकल ज़ेर्नी ने कहा कि हम सबको ज़िम्मेदार नागरिक बनकर हमारे सामान्य घर की रक्षा के लिये तत्काल कार्रवाई करना चाहिये।
वाटिकन न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने बताया कि क्यों कलीसिया तथा सन्त पापा फ्राँसिस पृथ्वी के प्रति इतने उत्कंठित हैं।  उन्होंने  विश्व समुदाय की"खतरनाक विफलताओं" पर अफसोस जताते कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हेतु जो कुछ किया जा सकता था उससे बहुत अधिक कम ही किया जा सका है।
प्रति वर्ष 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है, इस अवसर पर हमारे ग्रह की सुरक्षा की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करने के लिए सभी महाद्वीपों में लाखों लोग एकत्रित होते हैं।
कार्डिनल ज़ेर्नी ने कहा, "कलीसिया इसलिये पृथ्वी की अत्यधिक चिन्ता करती है क्योंकि पृथ्वी का सृजन ईश्वर ने किया है, इसकी सृष्टि उन्हीं ईश्वर द्वारा की गई है जिन्होंने हम सब को भाई-बहनों के रूप में बनाया है तथा जिनसे हमारे सामान्य घर में एक साथ रहने और इसकी देखभाल करने की अपेक्षा की जाती है।"
उन्होंने कहा कि पृथ्वी को समर्पित दिवस "इस सामान्य घर में अपनेपन का स्मारक दिवस है, यह याद करने का कि हम सभी एक सामान्य घर और एक सामान्य परिवार के सदस्य हैं।" साथ ही उन्होंने कहा कि पृथ्वी दिवस इस गम्भीर तथ्य को भी याद रखने का दिवस कि पृथ्वी की रक्षा और इसकी देखभाल के लिये हम सब ज़िम्मेदार हैं।  उन्होंने इस तथ्य पर बल दिया पृथ्वी दिवस स्मरण रखने का "एक जरूरी दिन" है।
पृथ्वी एवं पर्यावरण की सुरक्षा के विषय में सन्त पापा फ्राँसिस की उत्कंठा पर चिन्तन करते हुए कार्डिनल ज़ेर्नी ने कहा कि सन्त पापा फ्राँसिस ने अपने परमाध्यक्षीय काल के प्रारम्भिक बिन्दु से ही पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति अपनी आवाज़ बुलन्द की है तथा अपने सर्वप्रथम विश्व पत्र "लाओदातो सी"  में इसके प्रति विश्व का ध्यान आकर्षित कराया है।
उन्होंने कहा कि भ्रातृत्व भाव पर सन्त पापा फ्राँसिस के विश्व पत्र फ्रात्तेल्ली तूती में यह और भी स्पष्ट हो गया है कि ईश सन्तान होने के नाते हम सब एक दूसरे के भाई-बहन हैं तथा अपने सामान्य धाम की सुरक्षा और देखभाल करना हममें से प्रत्येक की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारे सामान्य धाम की रक्षा किये बिना हमारे बीच परस्पर भाईचारा उत्पन्न नहीं हो सकता। यही कारण है कि पृथ्वी की सुरक्षा को समर्पित विश्व दिवस का आह्वान है इस धरती पर ज़िम्मेदार नागरिक बनना।

Add new comment

12 + 0 =