इकोनोमी ऑफ फ्रांचेस्को द्वारा अफगानी महिलाओं के लिए ग्लोबल मार्च। 

इकोनोमी ऑफ फ्राँचेस्को संगठन सभी प्रतिभागियों को निमंत्रण दे रहा है कि वे 28 अगस्त 2021 को आयोजित वैश्विक प्रदर्शन में भाग लें ताकि देश में तनाव एवं अनिश्चितता के बीच अफगानी लोगों की दुर्दशा की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट किया जा सके। सरकार के पतन और अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हाल के दिनों में सुर्खियों में रहा है, मीडिया में ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें काबुल हवाई अड्डे पर हजारों अफ़गानियों घेरा पार करते हुए दिखाया गया है, जो रनवे से निकलने वाले विमानों तक पहुंच हासिल करने के लिए बेताब प्रयास कर रहे हैं। विशेष चिंता अफगानी महिलाओं की दुर्दशा के लिए है, क्योंकि तालिबान शासन के तहत उनके अधिकार और स्वतंत्रता के प्रतिबंधित होने का डर है।
इकोनोमी ऑफ फ्रांचेस्को की वेबसाईट पर जारी एक बयान में भली इच्छा रखने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे साहसी अफगानी महिलाओं एवं लड़कियों के आह्वान का प्रत्युत्तर दें जो "इससे पहले कि कोई नीला परदा उन्हें छुपा ले," अपनी आवाज के लिए समर्थन की मांग कर रही हैं।
"वे काबुल की सड़कों पर साहस के साथ नारा लगा रही हैं, 'अफगानी महिलाएँ जीवित हैं' और वे समर्थन की मांग कर रही हैं ˸ हमारी आवाज का समर्थन करें, हमें गायब होने न दें। दुनिया क्या तुम सुन सकते हो?"
आंदोलन सभी लोगों को प्रोत्साहन देता है कि शनिवार को हम अपने हाथों में और घर की खिड़कियों में, एक नीला कपड़ा रखें जो अफगानी महिलाओं को छिपाने का प्रतीक है। नीले कपड़े के टुकड़े का अर्थ होगा, अफगानी महिलाओं से कहना कि "हम आपके साथ हैं, हम आपको देखते हैं, हम आपको सुनते हैं" जिन्हें हर दिन नीले कपड़े के परदे में रहना पड़ता है।
अभियान में भाग लेनेवालों को "सड़कों पर, शहरों की गलियों में, आवाज देना है: 'अफगान महिलाएं मौजूद हैं। एकता में शक्ति है!'" इकोनोमी ऑफ फ्राँचेस्को के वेबसाईट में कहा गया है कि इस प्रदर्शन को तब तक हर शनिवार को दुहराया जाएगा जब तक इसकी आवश्यकता हो। हर किसी से हैशटैग के साथ फोटो और वीडियो टैग करके "इन कार्यों को दृश्यता" और "चुप रहने वालों को आवाज देने" का आग्रह किया जाता है।

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