यूक्रेनी युद्ध, जलवायु परिवर्तन कार्डिनलों की बैठक में

वाटिकन में पोप फ्राँसिस की उपस्थिति में इस सप्ताह कार्डिनल परिषद की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें यूक्रेन पर रूसी आक्रमण, जलवायु परिवर्तन तथा कलीसिया में महिलाओं की भूमिका पर विषद विचार विमर्श किया गया। मार्च माह में परमधर्मपीठीय रोमी कार्यालयों तथा कलीसिया के प्रति इनकी सेवा में सुधारों सम्बन्धी प्रेरितिक संविधान प्रेदिकाते एवान्जेलियुम  की प्रकाशना के बाद कार्डिनलों की यह पहली बैठक थी।
कार्डिनल परिषद की 41 वीं बैठक का उदघाटन करते हुए समन्वयकर्त्ता कार्डिनल ऑसकर माराडिगा ने यूक्रेन की स्थिति और इसके सामाजिक-राजनीतिक, कलीसियाई और विश्वव्यापी परिणामों पर चिन्तन किया। सन्त पापा फ्राँसिस ने कार्डिनलों को उनकी ओर से वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पारोलीन द्वारा शान्ति स्थापना हेतु आरम्भ पहलों से अवगत कराया। कार्डिनल परिषद ने युद्ध की समाप्ति हेतु पोप के अथक प्रयासों को पूर्ण समर्थन दिया है।
इस सप्ताह सम्पन्न कार्डिनल परिषद की बैठक में जलवायु परिवर्तन तथा आगामी नवम्बर माह में मिस्र में होनेवाले कॉप 27  सम्मेलन पर भी विचार किया गया। किनशासा के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल फ्राडोलीन बेसुंगु ने इस अवसर पर एशिया, लातीनी अमरीका, अफ्रीका तथा ओसियाना के देशों की स्थिति पर ध्यान आकर्षित कराया और कहा कि इन देशों के निर्धनों को जीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिये ग्लास्गो में सम्पन्न कॉप 26 सम्मेलन में किये गये प्रस्तावों को कार्यान्वित किया जाना नितान्त आवश्यक है।  
कार्डिनलों परिषद की बैठक में कलीसिया में महिलाओं की भूमिका का प्रश्न भी ज्वलंत रहा। एमाज़ोनिया की एक जनजातीय महिला सि. लाओरा विकुना ने प्रेरितिक परिप्रेक्ष्य से इस विषय पर एक रिपोर्ट की प्रस्तावना की, जिसपर कार्डिनलों ने विचार विमर्श किया। इनके अतिरिक्त, कार्डिनलों ने परमधर्मपीठ की कूटनैतिक सेवाओं तथा उनके अपने-अपने देशों में सामाजिक एवं राजनैतिक स्थिति की पृष्ठभूमि में शांति स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं और निर्धनता निवारण हेतु कलीसिया के समक्ष प्रस्तुत प्रेरितिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला।  
कार्डिनल परिषद की 41 वीं बैठक बुधवार को सम्पन्न हुई, आगामी बैठक जून माह के लिये निर्धारित की गई है।

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