पोप ने अंतरराष्ट्रीय कारितास के लिए अस्थायी प्रशासक नियुक्त किया

पोप फ्राँसिस ने मंगलवार को अंतरराष्टीय कारितास के अस्थायी प्रशासक के रूप में डॉ. पियर फ्रांचेस्को पिनेली को नामित करते हुए एक आदेश जारी किया।
मंगलवार को जारी एक डिक्री में, संत पापा फ्राँसिस ने डॉ पियर फ्रांचेस्को पिनेली को अंतरराष्ट्रीय कारितास के अस्थायी प्रशासक के रूप में नियुक्त किया है। डिक्री में कर्मचारियों की व्यक्तिगत और आध्यात्मिक संगत के लिए डॉ. पिनेली के समर्थन में डॉ. मारिया एम्पारो अलोंसो एस्कोबार और फादर मानुएल मोरुजाओ, एस.जे. का भी नाम है।
इसके अलावा डिक्री में यह भी कहा गया है कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष और उपशास्त्रीय सहायक के रूप में सेवा करने वाले "अपने संबंधित कार्यालयों से बाहर हो जाएंगे" और कार्डिनल टागले जो अब तक अंतरराष्ट्रीय कारितास के अध्यक्ष थे, डॉ पिनेली को सौंपे गए कर्तव्यों में सहायता करेंगे।
पोप डिक्री में कहते हैं कि अतरराष्ट्रीय कारितास उन्हें व्यक्तिगत रूप से सबसे गरीब और सबसे ज्यादा जरूरतमंद लोगों की मदद करने में सहायता  प्रदान करता है, मानवीय संकटों का प्रबंधन करता है और "सुसमाचार और काथलिक कलीसिया की शिक्षाओं के प्रकाश में" दुनिया भर में दान फैलाने में सहयोग करता है।"
पोप फ्राँसिस ने डिक्री में एक अस्थायी प्रशासक की नियुक्ति के लिए वजह की व्याख्या करते हुए कहा कि यह कदम कारितास के मानदंडों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और अगली महासभा के लिए निर्धारित चुनावों के लिए आवश्यक तैयारी करने के लिए आवश्यक है।
समग्र मानव विकास को बढ़ावा देने के लिए गठित परमधर्मपीठीय विभाग (डीपीआईएचडी), जिस विभाग में अंतरराष्ट्रीय कारितास स्थित है, ने भी एक प्रेस वक्तव्य जारी किया, जिसमें बताया गया कि संत पापा फ्राँसिस का निर्णय "एक स्वतंत्र पैनल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कारितास के संचालन की समीक्षा के बाद" आया है। यह आगे स्पष्ट करता है कि "वित्तीय मामलों को अच्छी तरह से संभाला गया है और धन उगाहने वाले लक्ष्यों को नियमित रूप से प्राप्त किया गया है"। वक्तव्य में स्पष्ट किया गया है कि यह कदम उठाने का मकसद "दुनिया भर में इसके सदस्य उदार संगठनों" की बेहतर सेवा करना है।
अंतरराष्ट्रीय कारितास के अस्थायी प्रशासक, डॉ पिनेली, को प्रेस वक्तव्य में "प्रसिद्ध संगठनात्मक सलाहकार और प्रशासक" के रूप में वर्णित किया गया है, "कार्यवाही के तकनीकी तरीके से अधिक मानवतावादी।" इग्नासियुस आध्यात्मिकता की पृष्ठभूमि के साथ, उनके स्वयंसेवी कार्यों में "नशीले पदार्थों की लत को छुड़वाना, विकास कार्यों में सहयोग, मिशनरी कार्यों और धर्मशिक्षा के लिए समर्थन" शामिल है। उनके पेशेवर पोर्टफोलियो में "33 साल का काम ... विभिन्न क्षेत्रों में", और 10 साल "सीईओ और बड़ी ऊर्जा कंपनियों के अध्यक्ष" के रूप में शामिल हैं। उनकी परामर्श विशेषज्ञता ने धार्मिक, धर्मनिरपेक्ष और सांस्कृतिक क्षेत्रों को लाभान्वित किया है, जिसमें सांस्कृतिक और प्रदर्शन कला संगठनों, जेसुइट एजुकेशन फाउंडेशन, डीपीआईएचडी, मैगिस और ट्रेकानी के पुनर्वास के लिए इतालवी सरकार के प्रशासक के रूप में कार्य करना शामिल है।डॉ पिनेली "अभिन्न मानव विकास को बढ़ावा देने के लिए बने विभाग के मूल्यांकन और प्रवासियों और शरणार्थियों के अनुभाग के मूल्यांकन के लिए नियुक्त परमधर्मपीठीय आयोग के सदस्य थे।
डॉ पिनेली के साथ डॉ मारिया एम्पारो अलोंसो एस्कोबार और फादर मानुएल मोरुजाओ एस.जे. होंगे। डॉ मारिया वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय कारितास के लिए एडवोकसी के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं अर्थशास्त्री डॉ मारिया एक्स्ट्रीमादुरा विश्वविद्यालय के स्नातक हैं और उन्होंने 28 वर्षों तक विभिन्न कारितास सदस्य संगठनों के साथ काम किया है।
फादर मोरुजाओ, गोवा, केप वेर्डे और साथ ही अपने मूल पुर्तगाल में प्रेरितिक और आध्यात्मिक मंत्रालय में शामिल रहे हैं और उन्हें संत पापा फ्राँसिस द्वारा ‘दया के मिशनरी’ के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रेस वक्तव्य में आगे कहा गया है कि "सदस्य संगठनों के कामकाज" इन परिवर्तनों से प्रभावित नहीं होंगे। बल्कि, बयान में जोर दिया गया है, आज घोषित किए गए फैसले "ऐसी सेवाओं को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।"
आज घोषित किए गए फैसले डीपीआईएचडी द्वारा नियुक्त समीक्षा के बाद लिए गए हैं। इस समीक्षा का दायरा "सीआई जनरल सचिवालय और प्रत्येक व्यक्ति के लिए मानवीय गरिमा और सम्मान के काथलिक मूल्यों के साथ संरेखण था। समीक्षा स्वतंत्र विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा की गई थी, जिसमें डॉ पिनेली के अलावा, मनोवैज्ञानिक फादर एनरिको पारोलारी और डॉ फ्रांसेस्का बसनेली शामिल थे। बयान आगे स्पष्ट करता है कि "वित्तीय कुप्रबंधन या यौन अनुपयुक्तता का कोई सबूत सामने नहीं आया", लेकिन "प्रबंधन और प्रक्रियाओं में वास्तविक कमियां देखी गईं, गंभीर रूप से टीम-भावना और कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।"
डीपीआईएचडी के प्रीफेक्ट कार्डिनल माइकल चरनी एस.जे. ने प्रेस वक्तव्य में स्वीकार किया कि "कई लोगों की ज़रूरतें जिन्हें कारितास सेवा प्रदान करता है" हाल के वर्षों में स्पष्ट रूप से बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, "यह अत्यावश्यक है कि अंतताष्ट्रीय कारितास इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह तैयार हो।" कार्डिनल चरनी बताते हैं कि आज के निर्णय के साथ "संत पापा फ्राँसिस ने हमें उस मिशन पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया है जिसे कारितास को कलीसिया में पूरा करने के लिए बुलाया गया है...। हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि दान का मूल और सार स्वयं ईश्वर में है (सीएप. 1योहन 4:8); दान प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से सबसे कमजोर और पीड़ित लोगों के लिए हमारे पिता ईश्वर का आलिंगन है। 

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