दक्षिणी अफ्रीकी धर्माध्यक्षों द्वारा पूर्णकालिक सभा का आयोजन

2020 के बाद पहली बार दक्षिणी अफ्रीकी धर्माध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से मिल रहे हैं। पूर्णकालिक बैठक का प्रमुख विषय ‘धर्मसभा प्रक्रिया’ है। दक्षिणी अफ्रीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (एसएसीबीसी) 18 से 25 जनवरी तक अपना पूर्णकालिक सत्र आयोजित कर रहा है। कोविड-19 महामारी के फैलने के बाद पहली बार धर्माध्यक्ष एक साथ भाग ले रहे हैं।
मंगलवार को प्रिटोरिया के संत जॉन वियानी सेमिनरी में एसएसीबीसी की पूर्णकालिक सभा के उद्घाटन मिस्सा के दौरान अपने प्रवचन में तज़नीन के धर्माध्यक्ष जोआओ रोड्रिग्स ने एक सम्मेलन के रूप में लंबे समय के बाद एक साथ आने के मकसद पर टिप्पणी की।
धर्माध्यक्ष रॉड्रिग्स ने कहा, "यह वही स्थान है जहां बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका और ईस्वातिनी के धर्माध्यक्ष, एसएसीबीसी पिछली बार जनवरी 2020 में अपनी पूर्णकालिक बैठक के लिए एकत्रित हुए थे। संत जॉन वियानी सेमिनरी में इस पूर्णकालिक सत्र के लिए वापसी काफी सुखद है!"
कोविड -19 स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए, एसएसीबीसी के अध्यक्ष, उमताता के धर्माध्यक्ष सिथेम्बेले सिपुका ने पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान किया। इसमें लोकधर्मी उपस्थित नहीं हो पाये, लेकिन पवित्र मिस्सा लाइव स्ट्रीम किया गया था। धर्माध्यक्ष रॉड्रिग्स ने वाटिकन में अक्टूबर 2023 तक धर्मसभा की प्रक्रिया के माध्यम से कलीसिया की यात्रा में पवित्र आत्मा के महत्व को स्वीकार किया।
धर्मसभा के विषय - एकता, भागीदारी और मिशन – पर गौर करते हुए उन्होंने कहा, हम पवित्र आत्मा से प्रार्थना करें कि वह पूर्ण सत्य प्राप्त करने में हमें सक्षम बनायें। हमारे पास संपूर्ण सत्य होना चाहिए। पवित्र आत्मा हमें बिना किसी पक्षपात के उस संपूर्ण सत्य के अनुसार कार्य करने और सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करे।" भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए, धर्माध्यक्ष रोड्रिग्स ने कहा कि उन्हें पवित्र आत्मा से प्रार्थना करने की आवश्यकता है ताकि वह उन्हें दूसरों की बातों को सुनने में मदद करे।
महामारी संकट के कारण सामाजिक परिणामों का उल्लेख करते हुए, धर्माध्यक्ष रॉड्रिग्स ने जुलाई 2021 में दक्षिण अफ्रीका में बड़े पैमाने पर लूटपाट को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि देश में ऐसा भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि विभाजन और अव्यवस्था लोगों के बीच मतभेदों से उत्पन्न नहीं होती है, बल्कि इस बात से होती है कि इन मतभेदों का उपयोग विभाजन को भड़काने के लिए किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, "ईश्वर हमें एकजुट करते हैं, वह उन मतभेदों से अधिक शक्तिशाली है जो हमें विभाजन और अव्यवस्था के लिए प्रेरित करते हैं।"
एसएसीबीसी के अध्यक्ष, धर्माध्यक्ष सिपुका ने बताया कि पल्लियों के सामान्य प्रेरितिक कार्यक्रम धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहे हैं। रविवारीय मिस्सा समारोह में विश्वासी भाग लेने आ रहे हैं।
25 जनवरी तक चलने वाला पूर्णकालिक सत्र, एसएसीबीसी के नए अध्यक्ष और 2 उपाध्यक्षों का चुनाव करेगा। प्रक्रिया अगस्त 2021 के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन ऑनलाइन मतदान की असुविधा के कारण, चुनाव इस वर्तमान पूर्णकालिक सत्र के लिए स्थगित कर दिया गया था।

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