तोंगा की मदद में ओशिनिया की कलीसिया का सहयोग

तोंगा के सुनामी पीड़ित लोगों की मानवीय मदद हेतु पापुआ न्यू गिनी की कलीसिया ओशिनिया के साझेदारों के साथ मिलकर कार्य कर रही है। पिछले शनिवार को समुद्र के अंदर ज्वालामुखी विस्फोट एवं सुनामी, जिसने प्रशांत द्वीप राष्ट्र के अधिकांश हिस्से को तबाह कर दिया है, अब वहाँ आपातकालीन मानवीय सहायता पहुँच रही है।
न्यूजीलैंड की एक नौसेना जहाज से शुक्रवार को जीवनरक्षक जलापूर्ति उतारा गया जिसे तोंगा के लोगों के बीच बांटा गया। पेयजल के अलावा, जहाज में विलवणीकरण उपकरण भी था जो प्रतिदिन 70,000 लीटर से अधिक जल उत्पादन करने में सक्षम है।
ज्वालामुखी से निकली राख ने तोंगा द्वीप के अधिकांश हिस्से को ढक लिया है, जिससे भय है कि जलापूर्ति में आर्सेनिक और कैडमियम जैसे भारी धातुएं बाधा पहुँच सकती हैं। क्षेत्र के सभी काथलिक समुदाय एकजुट हो रहे हैं ताकि स्थानीय कारितास साझेदारों के साथ मानवीय सहायता भेज सकें। पापुआ न्यूगिनी के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव फादर जोर्ज लिचिनी ने वाटिकन न्यूज की पत्रकार अलेसांद्रो दी बुसोलो से बातें कीं।
उन्होंने बतलाया कि विदेशी मिशन के लिए स्थापित परमधर्मपीठीय संस्था (पीमे) ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सोमालिया और पापुआ न्यू गिनी के राष्ट्रीय कारितास के साथ मिलकर मदद देने हेतु कार्य कर रही है।  
उन्होंने कहा कि उन लोगों से आर्थिक सामग्री इकट्ठे किये जा रहे हैं जो सहयोग कर सकते हैं और उसे कारितास तोंगा को प्रदान किया जाएगा जो यह निर्णय करेगा किया उसका उत्तम प्रयोग किस तरह किया जाए। फादर लिचिनी ने बतलाया कि कलीसिया की देखभाल आरम्भिक आपातकाल पार होने के बाद भी जारी रहेगी।
आधारभूत संरचनाओं जैसे स्कूल और गिरजाघरों के निर्माण के लिए सहायता प्रदान किये जायेंगे, साथ ही साथ, जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन और दवाईयाँ भी दी जायेंगी।
फादर ने कहा, "दुर्भाग्य से, तकनीकी समस्या के कारण द्वीप की सरकार और कलीसिया के साथ भी सम्पर्क होने में दिक्कतें आ रही हैं।" 
तोंगा को इंटरनेट से जोड़नेवाली एकमात्र पानी के नीचे की केबल पिछले शनिवार को ज्वालामुखी विस्फोट से टूट गई है, और सम्पर्क मुख्य रूप से कुछ सटेलाईट फोन के माध्यम से किया जा रहा है।
फादर ने कहा, "जैसे ही केबल की मरम्मत की जायेगी, शायद हमारे पास तबाही की भयावहता की बेहतर तस्वीर होगी, और सबसे बढ़कर, लोगों की आवश्यकता मालूम होगी।" फादर लिचिनी ने स्वीकार किया कि तोंगा के निवासियों के लिए सबसे बड़ी समस्या है पेयजल प्राप्त करना। उन्होंने कहा कि द्वीपसमूह के लोग पीने के पानी के लिए बारिश पर बहुत अधिक निर्भर हैं, क्योंकि कई क्षेत्रों में झरनों या पानी के प्राकृतिक स्रोतों तक पहुंच नहीं है।
फादर के अनुसार कई लोगों को जलापूर्ति को पुनः चालू करने के लिए अगली वर्षा तक इंतजार करना पड़ेगा। यही कारण है कि पीने योग्य पानी के लिए संकट इस समय तोंगा की सबसे अधिक आपातकालीन स्थितियों में से एक है।

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