डॉन बॉस्को हायर सेकेंडरी स्कूल  मोन में पुरोहित पर मूर्ति से हमला। 

9 जून को पूर्वी भारतीय राज्य नागालैंड में एक युवक द्वारा सेल्सियन पुरोहित के सिर पर मूर्ति से हमला किया गया। हमले में पुरोहित के सिर में चोट आई है। यह घटना राज्य की राजधानी कोहिमा से लगभग 325 किलोमीटर उत्तर पूर्व में स्थित मोन शहर के डॉन बॉस्को हायर सेकेंडरी स्कूल में शाम को हुई।
घायल फादर अरोकियासामी सावरिमुथु, स्कूल के प्रभारी हैं और उनके हमलावर की पहचान 25 वर्षीय पुसाई कोन्याक के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। स्कूल में काम करने वाले सेल्सियन ब्रदर एलेक्सियस तुती ने बताया कि युवक स्कूल बुक काउंटर पर आया और 2,000 रुपये की मांग की। 
ब्रदर तूती ने कोन्याक से कहा कि उसे फादर सावरिमुथु को पैसे देने हैं। तब युवक ने स्कूल में सहयोगी सेक्रेड हार्ट सिस्टर रेनी कैथरीन से पूछा, जिसने भी उससे कहा कि वह किताबों की दुकान से पैसे नहीं देगी।
कुछ देर बाद फादर सावरीमुथु स्कूल पहुंचे और अपने कमरे में चले गए। उसके पीछे चलने वाले कोन्याक ने मूर्ति ली और पुरोहित के सिर पर वार किया। उसने एक हाथ से पुरोहित का मुंह बंद कर दिया और दूसरे हाथ से उसकी गर्दन पकड़ ली।
मौके पर पहुंचे ब्रदर तूती ने दोनों को अलग करने की कोशिश की। उन्होंने फादर जॉन किकॉन को भी बुलाया, जो किचन में थे। ब्रदर तूती और फादर किकॉन ने फादर सावरिमुथु और कोन्याक को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लाया।

जैसे ही खबर फैली, कैथोलिक, स्कूल के अधिकारी और कोन्याक छात्र संघ के सदस्य पहुंचे। कोन्याक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। फादर सवरीमुथु को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। वे रात करीब 9:15 बजे लौटे। कोन्याक ने बाद में कहा कि वह 2007 में स्कूल से बर्खास्त करने के लिए फादर सावरिमुथु से बदला लेना चाहते थे, जब वह आठवीं कक्षा में थे। पुरोहित ने कहा कि वह न तो अपने हमलावरों को जानता है और न ही उसे स्कूल से निकालने के बारे में याद करता है।
सिस्टर कैथरीन ने कहा- "लड़के का एकमात्र मकसद आसान पैसा प्राप्त करना था और कुछ नहीं।" मोन में डॉन बॉस्को हायर सेकेंडरी स्कूल कोहिमा के धर्मप्रांत के तहत कार्य करता है। सेल्सियंस ने इसे 1980 में स्थापित किया था। अब इसमें 1,800 से अधिक छात्र हैं।

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