जर्मन मिशनरी को माली में अगवा कर लिया गया

रोम में व्हाइट फादर्स के जनरल कूरिया ने पुष्टि की कि फादर हंस-जोआकिम लोहरे रविवार को गायब हो गए और हो सकता है कि स्थानीय कट्टर इस्लामी समूहों द्वारा अपहरण कर लिया गया हो।
माली में पुलिस एक जर्मन मिशनरी फादर हंस-जोआकिम लोहरे के लापता होने की पूछताछ कर रही है जिसे राजधानी बमाको में एक जिहादी समूह द्वारा कथित रूप से अगवा कर लिया गया है।
सोसाइटी ऑफ द मिशनरीज ऑफ अफ्रीका के 65 वर्षीय फादर हंस-जोआचिम लोहरे, जिन्हें "व्हाइट फादर्स" के रूप में जाना जाता है, रविवार को गायब हो गए। वे शहर के दूसरे हिस्से में पवित्र मिस्सा मनाने की तैयारी कर रहे थे। यह सूचना सोमवार को मिशनरियों का आंतरिक समाचार पत्र ‘मिशनरीज ऑफ अफ्रीका’ ने सूचना दी।
रोम में व्हाइट फादर्स के जनरल कूरिया द्वारा मंगलवार को फीदेस एजेंसी को इस खबर की पुष्टि की गई।
फादर हंस-जोआकिम 30 से अधिक वर्षों से माली में हैं। वह वर्तमान में बमाको में इस्लामिक-ईसाई प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ाते हैं और हमदलये में स्थित विश्वास और मिलन केंद्र के प्रमुख हैं।
फादर हंस-जोआकिम की कार संस्थान के पास पाई गई और जांचकर्ताओं को बाद में उनकी कार के बगल में फादर के टूटे क्रूस के साथ चेन मिली। इफिक के एक सहयोगी ने कहा, "दरवाजा खुला था और जमीन पर पैरों के ऐसे निशान थे जैसे कि किसी ने विरोध किया हो।"
किसी ने भी उनके अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है, हालांकि अल कायदा और आईएसआईएस दोनों से जुड़े इस्लामी समूहों पर तुरंत संदेह जाता है, जिनका धर्मसंघियों सहित विदेशियों का अपहरण करने और उन्हें फिरौती के लिए रखने का इतिहास है।
फादर हंस-जोआकिम का अपहरण सक्रिय इस्लामी समूहों पर संदेह है पहली बार इस्लामी आतंकवादियों ने बमाको की राजधानी में एक विदेशी का अपहरण किया है। उनका विद्रोह एक दशक से अधिक समय पहले शुरू हुआ था। हो सकता है कि मिशनरी की राष्ट्रीयता ने देश में सक्रिय कुछ समूहों के हित को आकर्षित किया हो।
पिछले साल अक्टूबर में एक कोलंबियाई मिशनरी सिस्टर ग्लोरिया सेसिलिया नरवेज़ को इस्लामवादी समूह द्वारा चार साल से अधिक समय तक बंधक बनाए रखने के बाद रिहा कर दिया गया था।

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