कार्डिनल चरनी ने अजनबियों के प्रति दया दिखाने वाली प्रतिमा को आशीष दिया

समग्र मानव विकास को बढ़ावा देने के लिए बने विभाग के प्रीफेक्ट कार्डिनल माइकेल चरनी एस.जे. ने प्रवासियों और शरणार्थियों को समर्पित "बी वेलकमिंग" नामक एक नई मूर्ति को यह कहते हुए आशीष दिया कि यह हमारे आसपास के लोगों के प्रति दया दिखाने के लिए एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है।
"बी वेलकमिंग" कनाडाई कलाकार, तिमोथी श्माल्ज़ ने बनाया है, जो विशेष रूप से बेघर येसु और संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में प्रवासियों और शरणार्थियों की मूर्तियों के लिए जाने जाते हैं।
कांस्य की मूर्ति में एक अजनबी को एक बेंच पर बैठे हुए दिखाया गया है जो अपना सामान अपनी पीठ पर रखे हुए है। मूर्ति की दूसरी तरफ देखने से पता चलता है कि "अजनबी" वास्तव में एक देवदूत के भेष में है।
कार्डिनल चरनी ने मंगलवार को एक अनावरण समारोह में कहा "मुझे उम्मीद है कि यह मूर्ति हमें लगातार सतर्क करेगी कि स्वर्गदूत कौन हैं। ईश्वर गरीबों में, खोए हुए और उपेक्षितों में अपने स्वर्गदूतों को हमारे बीच भेजते हैं।"
कलाकार तिमोथी श्माल्ज़ ने कहा कि "बी वेलकमिंग" मूर्ति एक बाइबिल पाठ से प्रेरित है जो हमें उन लोगों के प्रति दया और आतिथ्य दिखाने की याद दिलाता है जिनसे हम मुलाकात करते हैं।
कनाडा के कलाकार तिमोथी श्माल्ज़ 25 सालों से दुनिया भर में स्थापित कांस्य में बड़े पैमाने पर काम किया हैं। श्री श्माल्ज़ की अधिकांश कलाकृति सामाजिक न्याय के सामयिक मुद्दों पर केंद्रित है, जिसमें बेघर होना, प्रवास और मानव तस्करी शामिल है।
श्री श्माल्ज़ ने इस साल की शुरुआत में वाटिकन न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "कला द्वारा पूरे समाज में एक बहुत ही सूक्ष्म और सुंदर तरीके से जागरूकता पैदा करना है।"

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