अगवा हुए भारतीय पुरोहित इथियोपिया में रिहा

नई दिल्ली, 22 जनवरी, 2022: इथियोपिया में मिशनरी के रूप में सेवा कर रहे एक भारतीय कैथोलिक पुरोहित को 22 जनवरी को रिहा कर दिया गया था, जिसके एक दिन बाद एक सशस्त्र गिरोह ने उसका अपहरण कर लिया था।
पूर्वी अफ्रीका के एक देश इथियोपिया में नेकेमटे के विकार अपोस्टोलिक बिशप वर्गीस थोट्टमकारा ने बताया कि ऑर्डर ऑफ द इमिटेशन ऑफ क्राइस्ट या बेथानी आश्रम के फादर जोशुआ एडकाडम्बिल एक मिशन स्टेशन में पवित्र मिस्सा चढाने जा रहे थे, जब गिरोह ने उनके वाहन को सड़क पर रोक दिया। फिर वे 32 वर्षीय पुरोहित को जंगल में ले गए और उसे अपनी हिरासत में रखा।
विंसेंटियन धर्माध्यक्ष ने एक ईमेल संदेश में बताया, "विद्रोही सैनिकों, जो उन्हें गलत पहचान के कारण ले गए थे, ने कैथोलिक चर्च द्वारा उनकी पहचान का उल्लेख करने के लिए बातचीत के बाद उन्हें रिहा कर दिया।" बिशप थोट्टमकारा ने यह भी कहा कि चर्च अब पुरोहित के पिकअप वाहन को वापस पाने की कोशिश कर रहा है जिसे गिरोह ने जब्त कर लिया था। उन्होंने कहा कि मिशनरी पुरोहित, जिन्हें केवल दो साल पहले ही नियुक्त किया गया था, अच्छे स्वास्थ्य के साथ घर लौट आए हैं।
केरल के मूल निवासी फादर एडकादम्बिल पिछले दो वर्षों से इथियोपिया के नेकेमटे अपोस्टोलिक विक्टोरेट में सेवा कर रहे हैं। विक्टोरेट सीधे वेटिकन के अधीन है, न कि एक चर्च प्रांत का हिस्सा। विक्टोरेट क्षेत्र में इथियोपियाई रूढ़िवादी, इस्लाम और कॉप्टिक कैथोलिक धर्म के अनुयायी हैं। 62 वर्षीय बिशप थोट्टमकारा कई वर्षों तक पूर्वी भारत के ओडिशा में चर्च की सेवा करने के बाद 1990 में नेकेमटे आए। नेकेमटे राष्ट्रीय राजधानी अदीस अबाबा से लगभग 320 किमी पश्चिम में है।

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