हाँग काँग, कार्डिनल ने किया प्रार्थना का आग्रह, हिंसा की निन्दा

Protesters demonstrate against a proposed extradition bill in Hong Kong

हाँग काँग में सघन होते तनावों के बीच यहाँ के कार्डिनल जॉन टॉंग हाँग ने शहर में शांति हेतु प्रार्थना का आग्रह किया है तथा सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आपसी सम्मान और बातचीत का आह्वान किया।

इस सप्ताह, हाँग काँग में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन उस समय हिंसक हो उठे, जब प्रदर्शनकारियों ने एक विवादित कानून पर बहस को रोकने के लिए सरकारी इमारतों को उड़ाने की कोशिश की। मुख्य भूमि चीन के प्रति प्रत्यर्पण क़ानून में संशोधन के ख़िलाफ़ हज़ारों की तादाद में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक संघर्ष हुआ।

हिंसक कृत्यों का खण्डन

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया और आँसू गैस के गोले छोड़े जिसमें 21 पुलिस कर्मियों सहित लगभग 72 लोग घायल हो गये हैं।

हाँग काँग के कार्डिनल जॉन टाँग हाँग ने गुरुवार को वाटिकन रेडियो से बातचीत में कहा कि हिंसा के कृत्यों को नागरिक कार्रवाई का हिस्सा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर लोग हिंसा का उपयोग कर रहे हैं, तो इन कृत्यों की निंदा की जानी चाहिए।"

परस्पर सम्मान का आह्वान

कार्डिनल ने बताया कि हाँग काँग में विद्यमान छः धर्मों के नेताओं ने परिस्थिति का जायज़ा लेने के बाद तीन बिन्दु अपील जारी की है जिसमें उन्होंने आपसी सम्मान, स्थायित्व एवं शांति का आग्रह किया है।

उन्होंने बताया कि काथलिक, प्रॉटेस्टेण्ट, कनफ्यूशीवाद, ताओवाद, बौद्ध एवं इस्लाम धर्मों के नेताओं ने मिलकर अपील की है कि सर्वप्रथम प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाये। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारी अपनी राय की अभिव्यक्ति करते हैं तो उनका सम्मान किया जाना चाहिये। द्वितीय, हाँग काँग के धार्मिक नेता शहर में भड़की हिंसा से ख़ुद को दूर रखते तथा हर प्रकार की हिंसा का खण्डन करते हैं।

कार्डिनल महोदय ने शहर के निवासियों से अपील की है कि वे "समाज में कानून और व्यवस्था को कायम रखने का हर सम्भव प्रयास करें।"

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