फिलीपीनी धर्माध्यक्ष द्वारा प्रार्थना एवं उदारता की अपील

फिलीपींस के काथलिक प्रार्थना करते हुए
फिलीपींस के काथलिक प्रार्थना करते हुए

मनिला के सहायक धर्माध्यक्ष ब्रोदरिक सोनकुवाको पाबिल्लो ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल पर एक संदेश जारी किया है। उन्होंने लिखा है कि पूरे इतिहास में हमने देखा है कि विपत्तियों को न केवल चिकित्सा के साधनों द्वारा रोका जा सकता है बल्कि प्रार्थनाओं और उदारता के महान कार्यों के द्वारा भी रोका गया है।

मनिला, 07 फरवरी 2020 (रेई)˸ जब दुनिया का ध्यान कोरोना वायरस पर है, काथलिकों को चाहिए कि वे नहीं डरें, बल्कि अपने आपकी एवं दूसरों की देखभाल करें। प्रार्थना के साधन को अपनाएँ। उक्त बातें मनिला के सहायक धर्माध्यक्ष ब्रोदरिक सोनकुवाको पाबिल्लो ने कही।

सोशल मीडिया में प्रकाशित एक संदेश में, फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के लोकधर्मी आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि चिंता की बात जरूर है किन्तु इससे नहीं डरना चाहिए क्योंकि डरने से असहाय महसूस होगा। उपयुक्त समय पर और सही जानकारी द्वारा इसे दूर किया जा सकता है। गलत समाचारों से लोगों में दहशत फैलेगा और समस्या अधिक जटिल हो सकती है।

धर्माध्यक्ष पाबिल्लो ने स्वीकार किया कि स्थिति गंभीर है किन्तु वायरस को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाये जा चुके हैं।

संक्रमण से बचने का सुझाव दिये जाने के बावजूद धर्माध्यक्ष ने जोर दिया है कि सार्वजनिक भलाई एवं लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता ही सरकार एवं प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, राजनीतिक अभियान अथवा लाभ की चिंता को नहीं। यही कारण है कि सही और उपयुक्त समय पर सूचना दिया जाना आवश्यक है। अतः न केवल मौत की जानकारी फैलाना बल्कि स्वस्थ में सुधार होने की भी जानकारी दी जानी चाहिए।

वास्तव में, हमारे पास न केवल दुखद समाचार है बल्कि सुखद समाचार भी हैं। निश्चय ही यह महत्वपूर्ण है कि सभी के प्रति एकात्मता एवं सहानुभूति दिखाने के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, "उदाहरण के लिए, यह अत्यन्त हृदयस्पर्शी है कि वाटिकन जैसे छोटे राष्ट्र ने 6 लाख से भी अधिक मेडिकल मास्क हुवेई, जेजियांग और फुजियान प्रांतों के लिए भेजा है। इस तरह के प्रेरणादायक कार्यों में वृद्धि हो और वैश्विक एकात्मता बढ़े।

धर्माध्यक्ष पाबिल्लो ने ख्रीस्तियों से अपील की है कि वे प्रार्थना द्वारा अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा, "पूरे इतिहास में हमने देखा है कि विपत्तियाँ न केवल मेडिकल उपकरणों द्वारा बल्कि प्रार्थनाओं एवं उदारता के महान कार्यों द्वारा भी रोके गये हैं।"

उन्होंने कहा, "हम बीमार अथवा स्वस्थ, चाहे जीवन की किसी भी स्थिति में क्यों न हों, सभी प्रार्थना कर सकते हैं। हम स्वर्गीय शक्ति से याचना करें कि वे हमारी रक्षा करें, बीमारी के फैलने को रोकें, पीड़ितों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें और मरने वालों को अनन्त शांति दें। हम ख्रीस्तियों के पास यही एक बड़ा संसाधन है कि हम प्रार्थना एवं उदारता के कार्यों द्वारा एकात्मता प्रकट कर सकते हैं।"

इस बीच, बुधवार को, फिलीपीन्स स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस के तीसरे मामले की पुष्टि की। वर्तमान में, 133 लोग वायरस होने की जांच प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। चीन के बाद फिलीपींस पहला देश है जिसने कोरोना वायरस के कारण मौत का सामना किया है।

फिलीपींस में वायरस से बचने के लिए, विगत रविवार से मिस्सा के दौरान एक विशेष प्रार्थना की जा रही है।

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