क्रिसमस उपहार जो जीवन बदल दे

उपहार

क्रिसमस देने का समय है किन्तु हम एक ऐसे काल में जी रहे हैं जहाँ लोगों को बर्बादी कम करने एवं पर्यावरण की रक्षा करने का आह्वान किया जा रहा है।स्वयं संत पापा ने कहा है, "एक आर्थिक प्रणाली जिसमें नैतिकता की कमी होती है वह उपभोग एवं बर्बादी की, फेंकने की संस्कृति की ओर अग्रसर होती है।"वाटिकन न्यूज की वरिष्ठ पत्रकार लिडिया ओकेन के अनुसार काथलिक उदारता एजेंसी कफोर्ड और कारितास अंतरराष्ट्रीय के सदस्य, लोगों को निमंत्रण दे रहे हैं कि वे दान दें और लोगों की मदद करें जिससे कि गरीब समुदायों एवं विकासशील देशों के लोगों का जीवन बदल जाय।इस पहल को "विश्व उपहार" कहा जाता है जो करीब 10 वर्षों से जारी है। इस उदारता योजना में कफोर्ड के माध्यम से विश्व के विकासशील देशों एवं उन लोगों की मदद की जाती है जो सबसे अधिक जरूरतमंद हैं।इस उदारता योजना के बारे बतलाते हुए "कफोर्ड के विश्व उपहार" की उप संयोजिका बेकी सच ने कहा, "हम इसे सचमुच लोकप्रिय पाते हैं और हम निश्चय ही बर्बाद करने की संस्कृति का सामना कर रहे हैं, विशेषकर, जलवायु परिवर्तन और क्रिसमस के समय में जितनी बर्बादी होती है उससे। हम पाते हैं कि ज्यादातर लोग उदारता पूर्वक दान देना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि उनका दान कभी बेकार नहीं होगा, यह हमेशा लोगों की मदद करेगा।"उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि संत पापा फ्राँसिस ने फेंकने की संस्कृति की समस्या के बारे बहुत कुछ कहा है और हम मानते हैं कि "विश्व उपहार" उसको रोकने का एक अनोखा रास्ता है। यह हमारे कार्यों को सहयोग देता तथा कलीसिया के नेटवर्क द्वारा कई लोगों तक पहुँचता है और हम लोगों की आवश्यकताओं को देख पाते हैं।"

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