यूक्रेन, नरसंहार के स्थानों में आशा का बीज

लोग उन गांवों की ओर लौट रहे हैं जो युद्ध की भयावहता का प्रतीक हैं। फादर रुस्लान मायखाल्किव कहते हैं कि हालांकि कठिनाइयाँ बहुत हैं, ईश्वर की देखभाल के संकेतों की कमी नहीं है।
वोरज़ेल के रोमन-काथलिक सेमिनरी के रेक्टर फादर रुस्लान मायखाल्किव ने वाटिकन न्यूज़ - वाटिकन रेडियो को बताया कि कीव के उत्तरी उपनगरों के नाम इस युद्ध की मूर्खतापूर्ण भयावहता के प्रतीक बने रहेंगे। वे हैं बुचा, इरपिन, वोरज़ेल, बोरोड्यांका, ऐसी जगहें जहां धरती मासूमों के खून से लथपथ है, यूरोप में कोई कभी नहीं भूल पाएगा और अप्रैल की शुरुआत में रूसी सशस्त्र बलों के पीछे हटने के बाद, ऐसा लग रहा था कि जीवन यहाँ वापस नहीं आएगा और इन गाँवों के नाम केवल इतिहास की किताबों में ही रहेंगे। लेकिन लोग धीरे-धीरे कठिनाइयों के बावजूद पुनर्निर्माण के इरादे से लौटने लगे। हालाँकि, डर बना हुआ है, एक नए रूसी आक्रमण का डर जैसा कि खार्किव में हुआ था।
फादर रुस्लान आशा के कई स्पष्ट संकेतों के बारे में बताते हैं, कि कठिनाई के क्षणों में व्यक्ति जीवन की अच्छी चीजों के लिए सराहना करना सीखाता है। वोरजेल में ऐसे लोग हैं जो विश्वास के करीब आ गए हैं और यह ईश्वर के कार्य का संकेत है और दूसरों की सहायता एवं समर्थन करने की इच्छा भी लोगों में बढ़ी है, भले ही वह केवल एक अच्छा शब्द ही क्यों न हो।
वोरज़ेल के सेमिनरी में, आंगन में गिराए गए बम के टुकड़े से माता मरियम की एक मूर्ति का सिर्फ सिर टूट गया, बाकी सही हालत में था। विस्फोट से विकृत मरियम की मूर्ति छवि दुनिया भर में चली गई। सभी अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा माता मरियम की एक मूर्ति के इतिहास एवं प्रतीकात्मक मूल्य को बताया गया था।  रेक्टर फादर मायखाल्किव कहते हैं, "पोलैंड के राष्ट्रपति, आंद्रेज डूडा, - - जो हुआ उसके बारे में जागरूक हो गए और व्यक्तिगत रूप से हमें क्षतिग्रस्त मूर्ति की एक प्रति दी। यह एक अप्रत्याशित उपहार था! अब हम क्षतिग्रस्त मूर्ति को भी पुनर्स्थापित करना चाहते हैं और शांति के लिए एक वेदी समर्पित करना चाहते हैं। यह हमेशा एक प्रतीक और चेतावनी रहेगा कि युद्ध का अर्थ क्या है।"
फादर मायखाल्किव ने कहा कि पिछले दो महीनों में, पोलैंड के राष्ट्रपति के उपहार के अलावा, निकटता के कई संकेत मिले हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों और यूक्रेनियों के कई दौरे वास्तव में यह महसूस कराने में सक्षम हो पाये हैं कि जो हो रहा है वह सिर्फ उनके बारे में नहीं है, लेकिन व्यापक है, जो पूरी दुनिया को छूता है। विश्वव्यापी कलीसिया की निकटता संत पापा के दानकर्ता कार्डिनल कोनराड क्रेजेवस्की और यूक्रेन के विशेष दूत और वाटिकन के विदेश सचिव, मॉन्सिन्योर पॉल रिचर्ड गलाघर की यात्राओं द्वारा गवाही दी गई। इस दुख के कठिन समय में परमधर्मपीठ की ओर से निकटता का एक बहुत बड़ा संकेत है।

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