ब्राजील के धर्माध्यक्षों से पोप ˸ 'आज की चुनौतियों से न डरें'

शुक्रवार को ब्राजील के धर्माध्यक्षों की पोप फ्राँसिस के साथ वाटिकन में मुलाकात के उपरांत कार्डिनल ओडिलियो पेद्रो शेरेर ने बतलाया कि पोप ने उन्हें ईश्वर तथा अपने धर्माध्यक्ष भाइयों, पुरोहितों एवं विश्वासियों के करीब रहने का प्रोत्साहन दिया।
कलीसिया के परमाध्यक्ष के साथ अपनी पंचवर्षीय पारम्परिक मुलाकात, "आद लीमिना" के लिये ब्राजील से रोम पधारे काथलिक धर्माध्यक्षों से मुलाकात कर पोप फ्राँसिस ने शुक्रवार को ब्राजीलियाई धर्माध्यक्षों को सामूहिक रूप से सम्बोधित किया।
पोप फ्राँसिस ने ब्राजील के साओ पाओलो, अपारेचिदा और सोरोकाबा महाधर्मप्रांतों के धर्माध्यक्षों से अद-लिमिना मुलाकात में, ब्राजील की कलीसिया, देश के जीवन एवं जनता की स्थिति, साथ ही वहाँ की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक परिस्थिति पर चर्चा की।  
कार्डिनल ओडिलियो पेद्रो शेरेर ने वाटिकन न्यूज को बतलाया कि 25 ब्राजीलियाई धर्माध्यक्षों के दल ने 23 सितम्बर को वाटिकन के प्रेरितिक प्रासाद में पोप से मुलाकात की। उन्होंने बतलाया कि संत पापा के साथ उनकी बातचीत "अत्यन्त भ्रातृत्व पूर्ण" थी। पोप से मुलाकात करने के पूर्व धर्माध्यक्षों ने रोमन कूरिया के विभिन्न विभागों का दौरा किया तथा रोम के चार महागिरजाघरों में ख्रीस्तयाग अर्पित किया।  
उन्होंने कहा, "यह विश्वास के नवीनीकरण और संत पेत्रुस के विश्वास और मिशन से प्रेरणा ग्रहण करने का एक बहुत ही गहन, सुंदर क्षण था।"
धर्माध्यक्षों के अनुसार, पोप और ब्राजील के धर्माध्यक्षों के बीच मुलाकात भ्रातृत्वपूर्ण वातावरण में एक "सुंदर धर्माध्यक्षीय सामूहिकता" थी। उन्होंने कहा, "पोप ने बतलाया कि हम यहाँ भाई के रूप में हैं।"  
दो घंटे की मुलाकात में उन्होंने सिनॉडालिटी, धर्माध्यक्षीय भाईचारा, पुरोहितों की देखभाल, लोगों के नजदीक रहने, समस्याओं एवं संघर्ष आदि विषयों पर चर्चा की।  
मुलाकात के दौरान सभी धर्माध्यक्षों को अपने विचारों, अनुभवों एवं धर्मप्रांतों में सुसमाचार प्रचार के प्रयासों के बारे बतलाने का अवसर मिला एवं उन्होंने पोप से कई सवाल भी किये।
कार्डिनल शेरेर ने बतलाया कि "यह स्वतंत्रता और सहजता के साथ एक बहुत ही सुखद बातचीत थी।" पोप भी बहुत सहज थे और हमने कई मुद्दों पर चर्चा की जो हमारे धर्माध्यक्षीय मिशन के हिस्से हैं।
पोप ने हरेक सवाल का उत्तर एक ऐसे संकेत से दिया जिसमें उन्होंने धर्माध्यक्षों को धर्माध्यक्षीय मिशन को पूरी तरह जीने के लिए प्रोत्साहित किया। क्योंकि पोप के अनुसार "धर्माध्यक्ष ख्रीस्त और सुसमाचार का सच्चा साक्ष्य दे सकते हैं।"
कार्डिनल शेरेर ने कहा, "हमने पोप फ्राँसिस को सुना, उनकी चिंताओं, सलाहों, कलीसिया एवं मानवता के लिए उनकी प्रेरिताई के बड़े मुद्दों को। "उन्होंने हमें जो सलाहें दीं उनमें से कुछ बहुत अच्छी हैं, जो लोगों के करीब रहनेवाले चरवाहे बनने की सिफारिश के साथ शुरू होती हैं।"
पोप ने ब्राजील के धर्माध्यक्षों को "करीब रहने के चार तरीकों" के बारे बतलाया। वे हैं ˸ ईश्वर से करीबी, धर्माध्यक्षों से करीबी, पुरोहितों से करीबी और लोगों से करीबी।   
साओ पाओलो के महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि पोप ने उनसे अपने पड़ोसियों की चिंता करने की अपील की। उन्हें आशामय चरवाहे बनने, आगे देखने, हमारे समय की चुनौतियों के सामने नहीं घबराने की सलाह दी, क्योंकि कोई भी ऐसा समय नहीं रहा है जिसमें चुनौतियाँ और कठिनाइयाँ न रही हों।
अतः में पोप ने प्रोत्साहन देते हुए कहा, "अतः हमें नहीं डरना अथवा निराश नहीं होना चाहिए और सुसमाचार के आनन्द से शुरू करना चाहिए, जो हमें अपने मिशन को जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा।"

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