देश-विदेश और चर्च न्यूज़ | RVA Hindi | RVA News | May 07

  1. धन्य देवसहायम: पिल्लाई एवं 6 अन्यों की संत घोषणा की जायेंगी।
  2. विश्व  के सबसे उम्रदराज बिशप का निधन।
  3. मृत परिजनों के अंतिम संस्कार  में मदद करते हे  बैंगलोर के स्वयंसेवक
  4. चेतना के संस्थापक, फादर इसहाक आलाप्पट का निधन
  5. रांची कलीसिया द्वारा कोविड रोगियों के रिश्तेदारों को भोजन आबंटन
  6. आर्चबिशप आनंदारयार का निधन।
  7. सेंट फ्रांसिस हॉस्पिटल ने कोविड मरीजों के लिए शुरू की मुफ्त होम केयर सुविधा।

 

धन्य देवसहायम:पिल्लाई एवं 6 अन्यों की संत घोषणा की जायेंगी।

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सोमवार को हुई कार्डिनलों की सभा (कनसिस्टरी) में संत पिता फ्राँसिस ने सात धन्यों की संत घोषणा की पुष्टि की है। संत घोषणा की तिथि की घोषणा बाद में की जायेगी। धन्य लाजरूस जिन्हें देवसहायम के नाम से जाना जाता है, वे भारत के एक ब्राह्मण थे। उन्होंने सन् 1745 में एक जेस्विट पुरोहित के द्वारा काथलिक धर्म को अपनाया और एक ख्रीस्तीय के रूप में अपना नाम लाजरूस रखा।अपनी धर्मशिक्षा में उन्होंने अलग-अलग जाति के होने के बावजूद सभी लोगों की समानता पर विशेष जोर दिया। उनकी इस शिक्षा के कारण उच्च जाति के लोगों में उनके प्रति घृणा उत्पन्न हुई और उन्हें 1749 में गिरफ्तार किया गया। कई प्रकार से अत्याचार सहने के बाद वे 14 जनवरी 1752 को मार डाले जाकर शहीद हो गये।धन्य लाजरूस भारत के पहले लोकधर्मी हैं जिनकी संत घोषणा की जायेगी।

 

विश्व  के सबसे उम्रदराज बिशप का निधन।

फिलिप मार क्रिसॉस्तम , दुनिया के सबसे उम्रदराज बिशप, जिन्होंने प्रोटेस्टेंट पर्यवेक्षक के रूप में द्वितीय वेटिकन परिषद में भाग लिया और भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, उनका केरल में 5 मई को निधन हो गया। वह 104 वर्ष के थे।

 

मृत परिजनों के अंतिम संस्कार  में मदद करते हे  बैंगलोर के स्वयंसेवक

बंगलौर महाधर्मप्रांत के ऐसे 65 स्वयंसेवक हैं, जिन्हे  "करुणा के दूत" कहा जाता है। वे बेसहारा परिवारों को अपने प्रियजनों को सम्मानजनक अंतिम संस्कार करने में मदद करने की पूरी कोशिश करते हैं जिनकी मृत्यु कोविड -19 महामारी से हुई  है। फादर संतोष रॉयन बताते हैं, अब तक दो सप्ताह से भी कम समय में 250 से अधिक पीड़ितों का अंतिम संस्कार  किया गया है,। प्रतिदिन औसतन 15 से अधिक अंतिम संस्कार, मृतक के धर्म को ध्यान में रख कर किया जाता है  हम जाति या विश्वास में भेद नहीं करते हैं।"  "करुणा के दूत" स्वंयसेवक दल में केवल काथलिक नहीं हैं, बल्कि मुस्लिम और हिंदू भी हैं। स्वयंसेवक इस बात को रेखांकित करते हैं, "अब इस दुनिया में, केवल एक चीज का मूल्य रह गया है: एक दूसरे की मदद करना।"

 

चेतना के संस्थापक, फादर इसहाक आलाप्पट का निधन

चेतना समूह के संस्थानों के संस्थापक-निदेशक, फादर इसहाक अलाप्पत सीएमआई (मैरी इमैक्युलेट के कार्मेलिट्स), का मंगलवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे।फादर आलाप्पट, जिन्होंने एक फिल्म निर्देशक, संपादक, कैमरामैन और पटकथा निर्देशक के रूप में काम किया, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत क्राइस्ट कॉलेज में जूलॉजी शिक्षक के रूप में की। अमेरिका के लॉस एंजिल्स के लोयोला मैरीमाउंट विश्वविद्यालय में संचार कला में उच्च शिक्षा समाप्त करने के बाद, उन्होंने 1980 में चेयाराम में चेतना फिल्म और टेलीविजन संस्थान का शुभारंभ हॉलीवुड फिल्म और टेलीविजन प्रोडक्शन स्टूडियो के मॉडल के रूप में किया।उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखीं,।

 

रांची कलीसिया द्वारा कोविड रोगियों के रिश्तेदारों को भोजन आबंटन

भारत में कई काथलिक संस्थाएं कोविड -19 संक्रमणों की विनाशकारी दूसरी लहर के खिलाफ राष्ट्र की लड़ाई में अपनी सुविधाओं को उपलब्ध करा रही हैं,  झारखंड राज्य की राजधानी, रांची महाधर्मप्रांत ने कोविड -19 रोगियों और उनके परिवारों के दर्द और पीड़ा को कम करने में मदद करने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। रांची महाधर्मप्रांत ने शहर के सबसे बड़े अस्पताल राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल (रिम्स) में भर्ती मरीजों के रिश्तेदारों के लिए मुफ्त भोजन सेवा शुरू की है।यह सेवा रांची काथलिक यूथ द्वारा अपने अध्यक्ष कुलदीप तिर्की के नेतृत्व में अस्पताल के मैदान में आयोजित की जा जाती है ।

 

आर्चबिशप आनंदारयार का निधन।

पांडिचेरी- के आर्चबिशप एंटनी का मंगलवार 4 मई 2021 को रात 9.30 बजे सेंट थॉमस अस्पताल, चेन्नई में निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। उन्हें कोविड उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हॉस्पिटल में उनकी स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ गई क्योंकि ऑक्सीजन स्तर बहुत कम था। आर्चबिशप आनंदारयार का जन्म 18 जुलाई 1945 को कुंभकोणम धर्मप्रांत में हुआ था। उन्होंने 21 दिसंबर 1971 को सेंट एग्नेस सेमिनरी, कुड्डलोर में दाखिला लिया और पुरोहित का कार्यभार संभाला। 2006 से 2015 तक कैनन कानून और अन्य विधान ग्रंथों के लिए CCBI आयोग के अध्यक्ष भी थे।

SVD फादर रंजीत बारला का निधन। 

SVD संस्था के फादर रंजीत बारला का निधन 03 मई को निधन हो गया। फादर रंजीत बारला ने 2011 में पुरोहिताभिषेक ग्रहण किया था। उन्होंने उड़ीसा में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

 

सेंट फ्रांसिस हॉस्पिटल ने कोविड मरीजों के लिए शुरू की मुफ्त होम केयर सुविधा।

सेंट फ्रांसिस हॉस्पिटल इंदौर ने कोविड मरीजों के लिए मुफ्त होम केयर की शुरुआत की है। जिसमें कोविड मरीज अपने घरों से ही चिकित्सा सहायता, वीडियो कॉलिंग के द्वारा डॉक्टर से परामर्श, दवाइयाँ, नर्सिंग केयर, परामर्श सेवा आदि सेवाओं का लाभ ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए आप स्क्रीन पर दिए हुए नंबर पर कॉल कर सकते है।

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