येसु हर जरूरतमन्द के पास आते हैं।

पहले पाठ में पेत्रुस येसु के नाम पर चंगा करते हैं। बहुत बार हम देखते हैं कि लोग करिश्माई प्रार्थना में भाग लेते हैं और बहुत लोग येसु के नाम पर चंगा भी होते हैं। यह सब अनहोनी बात विश्वास द्वारा संभव होता है क्योंकि यह मनुष्य की शक्ति के परे है।
एम्माउस की राह पर दो शिष्य येसु को अपने घर निमंत्रण देते हैं। "हमारे साथ रह जाइए। साँझ हो रही है और अब दिन ढल चुका है" यह एक सुन्दर प्रार्थना है जिसे येसु नकार नहीं सकते। वे रोटी तोड़ते समय येसु को पहचान पाते हैं किन्तु येसु उनकी दृष्टि से ओझल हो जाते हैं। येसु का काम यहाँ पर समाप्त हुआ और दोनों शिष्यों का काम शुरू हुआ। वे बाकी लोगों को पुनर्जीवित येसु के बारे में संदेश देने निकल पड़ते हैं। 
एम्माउस के राह की घटना नाटकीय ढंग से समाप्त होती है। येसु के शब्दों से उनका हृदय कितना उदीप्त हो रहा था जब राह पर येसु उनसे धर्म- ग्रंथ के घटित होने की बातों का मर्म उन्हें समझा रहे थे। इसका मतलब यह कि येसु हर जरूरतमन्द के पास आते हैं।

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