पास्का पर्व

Easter
Easter

 ये दिन ईसाई धर्म के लोगों के लिए बेहद ही खास होता है। गुड फ्राइडे के दिन येसु को सूली पर लटका दिया गया था और ईस्टर के दिन वे फिर से जीवित हो गए थे। इसलिए इस दिन खुशियां मनाई जाती हैं। इस दिन बड़ी संख्या में लोग चर्च में प्रार्थना सभाओं में भाग लेते हैं और येसु ख्रीस्त के पुन: जाग्रत होने की खुशी मनाते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के चलते चर्च की रौनकर फीकी रहेगी। इस बार भारत समेत कई देशों में रहने वाले ईसाई धर्म के लोग घर में ही रहकर प्रभु येसु की अराधना करेंगे।

गुड फ्राइडे के तीसरे दिन मनाया जाता है ईस्टर डे: ईसाई धर्म के अनुसार प्रभु येसु को सूली पर लटकाकर कई तरह की शारीरिक यातनाएं दी गईं। लेकिन प्रभु येसु ने उस समय भी ईश्वर से प्रार्थना की- हे प्रभु, इन्हें माफ कर देना, क्योंकि ये नहीं जानते की ये क्या कर रहे हैं। जिस दिन प्रभु येसु ने सत्य की रक्षा करते हुए अपना शरीर त्याग दिया उस दिन को गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाता है। के शरीर को सुरक्षित कब्र में रखा गया और कहा जाता है कि तीन दिन के बाद वे पुन: जीवित हो गए। इस दिन को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाने लगा।

कैसे मनाया जाता है ईस्टर संडे?
इस दिन लोग गिरजाघरों में इकट्ठा होते हैं और जीवित प्रभु की उपासना करते हैं। इस दिन बाइबल पाठ पढ़ा जाता है तथा प्रभु येसु के उपदेशों से सभी को अवगत कराया जाता है। लोग एक दूसरे को प्रभु येसु के पुनर्जन्म की बधाइयां देते हैं। चर्च के फादर ईसाई समाज के लोगों के घरों में जाकर प्रभु येसु के पवित्र जल से छिड़काव करके उनकी सुख शांति की कामना करते हैं। इस दिन चर्च में मोमबत्तियां जलाई जाती हैं। ईसाई धर्म के कई लोग इस दिन अपने घरों को भी मोमबत्तियों से रौशन करते हैं।

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