प्रेरित संत सिमोन और यूदस

सिमोन : ख्रीस्त के प्रेरितों के नाम की सूचि में सिमोन का नाम ग्यारहवें स्थान पर आता है। मत्ती और मारकुस के अनुसार वे "कनानी" तथा लूकस एवं प्रेरित चरित के अनुसार "उत्साही" हैं। संभवतः ख्रीस्त के प्रमुख प्रेरित सिमोन पेत्रुस से एक अलग पहचान बनाने के लिए उनके नाम के साथ ये शब्द जोड़े गये हैं ऐसा कलीसिया के कुछ आचार्यों का मत है। परन्तु दुसरे गुरुओं का यह विचार है कि सिमोन काना के निवासी थे और विवाह भोज के समय जब येसु ने अपना पहला चमत्कार किया था उस समय प्रबंधक ने दुल्हे को बुलाकर कहा, "सब को पहले बढियाँ अंगूरी परोसते हैं और लोगों के नशे में आ जाने पर घटिया। आपने तो अब तक बढियाँ अंगूरी रख छोड़ी है।" वह दूल्हा प्रेरित सिमोन ही थे।

इसी तरह कुछ आचार्यों का यह भी मत है कि प्रेरित बनने के पहले वे एक "यहूदी राष्ट्रवादी" थे। उस समय यहूदी देश को रोमियों की दासता से मुक्त करने के लिए "मुक्ति आन्दोलन" चल ही रहा था। संभवतः मूसा की संहिता के प्रति उनके धर्मोत्साह के कारण ही उन्हें "उत्साही" कहा गया हो।

प्रेरित सिमोन के विषय में अधिक जानकारी प्राप्त नहीं है। कुछ लोग उन्हें येसु का भाई (सगा नहीं) बताते हैं परन्तु यह युक्ति सच प्रतीत नहीं होती वरन् यह की वह क्लोपस के पुत्र थे और "येसु के भाई (सगा नहीं) याकूब" के बाद येरुसलेम के धर्माध्यक्ष नियुक्त हुए थे। (सन् ६१ में) और ट्राजॉन के शासनकाल में उन्हें सन् १०७ में क्रूस पर ठोंक दिया। बाद कि कुछ जन-श्रुतियों के अनुसार सिमोन ने पूर्वी देशों में सुसमाचार का प्रचार किया और लोहूगवाह बने। उनका सिर धड से अलग कर दिया गया था। २८ अक्तूबर को संत यूदस थदेउस के साथ प्रेरित संत सिमोन का पर्व मनाया जाता है।

यूदस (थदेउस) : येसु के प्रेरितों में से एक यूदस इस्कारियोती ने येसु को पकड़वाया था। उनके एक और प्रेरित का नाम यूदस था अतः उनकी अलग से पहचान बनाए रखने के लिए मत्ती और मारकुस उसका नाम थदेउस लिखते हैं। लूकस और प्रेरित चरित उन्हें याकूब का पुत्र कहकर उसका परिचय देते हैं। काथोलिक परम्परा के अनुसार यह "याकूब" अल्फई का पुत्र नहीं वरन् कोई दूसरा ही व्यक्ति होगा। नये नियम में हम संत यूदस का पत्र पढते हैं काथलिक कलीसिया इसे उन्हीं का पत्र मानती है जिसमें वे "ईसा मसीह का सेवक और याकूब का भाई" के रूप में अपना परिचय देते हैं।

येसु जब अपने शिष्यों से पवित्र आत्मा की प्रतिज्ञा कर रहे थे उस समय यूदस (थदेउस) ने उनसे पूछा था , "प्रभु ! आप हम पर अपने को प्रकट करेंगे, संसार पर नहीं - इसका क्या कारण है।" कलीसिया के कुछ आचार्यों का मत है चूँकि यूदस (थदेउस) का नाम इतना लोकप्रिय नहीं हो सका इसीलिए उनका नाम सिमोन के साथ जोड़ दिया गया है। प्रेरित यूदस के प्रेरितिक कार्य-क्षेत्र के विषय में विभिन्न कलीसियाओं के विभिन्न मत हैं. परन्तु काथोलिक कलीसिया के अनुसार उन्होंने केवल मेसोपोटामिया और परसिया में ही प्रचार किया। और विरोधियों ने फरसे से उनका सिर काट डाला।

प्रेरित थदेउस का पर्व प्रेरित सिमोन के साथ २८ अक्टूबर को मनाया जाता है। सभी प्रकार के बिगड़े मामलों के लिए संत थदेउस कि मध्यस्थता के लिए प्रार्थना की जाती है।

- चार्ल्स सिंगोरिया

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