सच्ची ख्रीस्तीय प्रार्थना

प्रतीकात्मक तस्वीर

लोग ईश्वर की याद अक्सर तभी करते हैं जब जीवन में दु˸ख-तकलीफ आते हैं अथवा उन्हें किसी चीज को पाने की तीव्र अभिलाषा होती है। प्रार्थना में न केवल अपने दुःखों और जरूरतों को प्रभु के सम्मुख रखना चाहिए बल्कि दूसरों के लिए भी प्रार्थना करनी चाहिए। संत पापा फ्राँसिस ख्रीस्तियों को सलाह देते हैं कि वे विश्वव्यापी आवश्यकताओं के लिए भी प्रार्थना करें। वे  ट्वीट संदेश में लिखते हैं, "हमारी प्रार्थना केवल हमारी आवश्यकताओं तक ही सीमित न हो, एक प्रार्थना तभी सच्ची ख्रीस्तीय प्रार्थना हो सकती है जब इसका आयाम विश्वव्यापी हो।" 

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