संत पापा द्वारा यमन और यूक्रेन में पीड़ित लोगों के लिए प्रार्थना

देवदूत प्रार्थना में भाग लेने के लिए संत पेत्रुस प्रांगण में उपस्थित विश्वासी
देवदूत प्रार्थना में भाग लेने के लिए संत पेत्रुस प्रांगण में उपस्थित विश्वासी

संत पापा फ्राँसिस ने युद्धग्रस्त यमन के लोगों और पश्चिमी यूक्रेन में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अपनी प्रार्थना और निकटता को व्यक्त किया।

 संत पापा फ्राँसिस ने रविवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में वहाँ उपस्थित यात्रियों और विश्वासियों के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया। इसके उपरांत उन्होंने वहाँ उपस्थित सभी विश्वासियों और सभी लोगों से यमन और यूक्रेन के लोगों के लिए प्रार्थना करने हेतु आमंत्रित किया।

संत पापा ने कहा, "मैं आपको यमन के लोगों के लिए प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित करता हूँ, विशेष रूप से बच्चों के लिए, जो गंभीर मानवीय संकट के कारण पीड़ित हैं।"

कुपोषित यमनी बच्चे
यमन में 5 साल से गृहयुद्ध अभी भी जारी है। संयुक्त राष्ट्र के बच्चों की एजेंसी यूनिसेफ ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि देश में कोविद -19 महामारी के कारण लाखों बच्चे भुखमरी का सामना कर सकते हैं।

यूनिसेफ ने एक नई रिपोर्ट जारी की, जिसका शीर्षक था "यमन पर पांच साल संघर्ष : बच्चे और कोविद -19", जिसमें कहा गया था कि कुपोषित यमनी बच्चों की संख्या साल के अंत तक 2.4 मिलियन तक पहुंच सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, “भोजन की कमी और हैजा के संकट युद्ध-संघर्ष के दौरान उभरे है, जबकि हिंसा लगातार जारी है, देश भर में 35 से अधिक फ्रंटलाइन अभी भी सक्रिय हैं, देश की स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त होने के कगार पर हैं और अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।“

यूनिसेफ ने कहा कि कोविद -19 का आगमन यमन में आपातकाल पर एक और परत जोड़ता है।

यूक्रेन में बाढ़
संत पापा फ्राँसिस ने पश्चिमी यूक्रेन में लोगों के लिए प्रार्थना करने की अपील की, जहाँ मूसलाधार बारिश के कारण भयानक बाढ़ आई है।

संत पापा ने प्रभु से प्रार्थना की कि उन्हें इस तकलीफ को सहने की शक्ति मिले। देश के लोग बाढ़ में फंसे अपने भाइयों और बहनों की मदद हेतु आगे आयें।

बाढ़ में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग अपने घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों में जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। आसपास के इलाकों से कई गांव कट गए हैं।

प्रधान मंत्री डेनिस शिमगल ने इस सप्ताह के शुरू में इस क्षेत्र का दौरा किया।

“पांच क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक है। इवानो-फ्रेंकिव्स्क क्षेत्र को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा, ”उन्होंने कहा। " इसी तरह की बाढ़ आखिरी बार 2008 में आई थी।

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