कार्डिनल सारदी की मृत्यु पर संत पापा की संवेदना

कार्डिनल पावलो एंजेलो सारदी

संत पापा फ्राँसिस ने कार्डिनल पावलो एंजेलो सारदी की मौत की खबर सुनकर दुःख व्यक्त किया। संत पापा ने संत पोत्रुस महागिरजाघर में कार्डिनल सारदी का अंतिम विदाई संस्कार का अनुष्ठान किया।

संत पापा फ्रांसिस ने कार्डिनल सारदी के भाई श्री पिएत्रो सारदी को तार भेजकर कार्डिनल पावलो अंजेलो सारदी की मृत्यु की "हार्दिक" संवेदनाएं व्यक्त की।

अपने संदेश में, संत पापा ने कार्डिनल को "ईश्वर और लोगों की सेवा में" जीवन समर्पित करने के लिए अपना आभार व्यक्त किया। संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि कार्डिनल सारदी ने "संत पापा पॉल छठे, संत पापा जॉन पॉल प्रथम, संत पापा जॉन पॉल द्वितीय और संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें के प्रेरितिक दस्तावेजों में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है।" संत पापा ने यह कहकर तार संदेश को समाप्त कर दिया कि कार्डिनल सारदी अच्छे और सतर्क प्रभु-सेवक थे और वे अपने धर्माध्यक्षीय आदर्श वाक्य के प्रति वफादार थे : ‘इस्टो विग्नेंस’ याने ‘सतर्क रहें’। "हमें भरोसा है कि कुवांरी माता मरियम ,संत पेत्रुस और संत पौलुस और अक्वी के धर्माध्यक्ष गुइडो, कार्डिनल सारदी को स्वर्ग के अनन्त भोज में स्वागत करेंगे।"

कार्डिनल पावलो सारदी का निधन 13 जुलाई को 84 वर्ष की आयु में हुआ। उनका जन्म 1 सितंबर, 1934 को उत्तरी इटली के एक छोटे से शहर अक्वी में हुआ था। सन् 1958 में उनका पुरोहित अभिषेक हुआ। 2010 में वे कार्डिनल बने और वे ऑर्डर ऑफ़ माल्टा के संरक्षक बन गए। तीन साल बाद, कार्डिनल सारदी ने 2013 में, संत पापा के चुनाव सभा (कॉन्क्लेव) में भाग लिय़ा, इस सभा में परमाध्यक्ष के रुप में संत पापा फ्रांसिस चुने गये थे।

अंतिम संस्कार धर्मविधि

धर्मविधि समारोह के कार्यालय से प्राप्त सूचना अनुसार कार्डिनल पावलो अंजेलो सारदी का अंतिम संस्कार धर्मविधि 15 जुलाई सोमवार को सुबह 10.30 बजे वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघर में कार्डिनल तारसिस्यो बेरतोने की अध्यक्षता में हुई। जिसमें अनेक कार्डिनलों महाधर्माध्यक्षों, धर्माध्यक्षों, धर्मसंघियों, कार्डिनल सारदी के रिश्तेदारों और लोकधर्मियों ने भाग लिया।

पवित्र युखारिस्तीय समारोह के अंत में संत पापा फ्राँसिस ने अंतिम संस्कार धर्मविधि की अध्यक्षता की और कार्डिनल सारदी को अंतिम विदाई दी।

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