येरूसालेम में एक रोगी को स्वास्थ्यलाभ

सन्त योहन के अनुसार सुसमाचार
5: 1-16

इसके कुछ समय बाद ईसा यहूदियों के किसी पर्व के अवसर पर येरूसालेम गये। येरूसालेम में भेड़-फाटक के पास एक कुण्ड है, जो इब्रानी भाषा में बेथेस्दा कहलाता है। उसके पाँच मण्डप हैं। उन में बहुत-से रोगी-अन्धे, लँगड़े और अर्ध्दांगरोगी-पड़े हुए थे। (वे पानी के लहराने की राह देख रहे थे, क्योंकि प्रभु का दूत समय-समय पर कुण्ड में उतर कर पानी हिला देता था। पानी के लहराने के बाद जो सब से पहले कुण्ड में उतरता था- चाहे वह किसी भी रोग से पीड़ित क्यों न हो- अच्छा हो जाता था।) वहाँ एक मनुष्य था, जो अड़तीस वर्षों से बीमार था। ईसा ने उसे पड़ा हुआ देखा और, यह जान कर कि वह बहुत समय से इसी तरह पड़ा हुआ है, उस से कहा, "क्या तुम अच्छा हो जाना चाहते हो" रोगी ने उत्तर दिया, "महोदय; मेरा कोई नहीं है, जो पानी के लहराते ही मुझे कुण्ड में उतार दे। मेरे पहुँचने से पहले ही उस में कोई और उतर पड़ता है।" ईसा ने उस से कहा, "उठ कर खड़े हो जाओ; अपनी चारपाई उठाओ और चलो"। उसी क्षण वह मनुष्य अच्छा हो गया और अपनी चारपाई उठा कर चलने-फिरने लगा। वह विश्राम का दिन था। इसलिए यहूदियों ने उस से, जो अच्छा हो गया था, कहा, "आज विश्राम का दिन है। चारपाई उठाना तुम्हारे लिए उचित नहीं है।" उसने उत्तर दिया, "जिसने मुझे अच्छा किया, उसी ने मुझ से कहा- अपनी चार पाई उठाओ और चलो"। उन्होंने उस से पूछा, "कौन है वह, जिसने तुम से कहा- अपनी चारपाई उठाओ और चलो?" चंगा किया हुआ मनुष्य नहीं जानता था कि वह कौन है, क्योंकि उस जगह बहुत भीड़ थी और ईसा वहाँ से निकल गये थे। बाद में मंदिर में मिलने पर ईसा ने उस से कहा, "देखो, तुम चंगे हो गये हो। फिर पाप नहीं करो। कहीं ऐसा न हो कि तुम पर और भी भारी संकट आ पड़े।" उस मनुष्य ने जा कर यहूदियों को बताया कि जिन्होंने मुझे चंगा किया है, वह ईसा हैं। यहूदी ईसा को इसलिए सताते थे कि वे विश्राम के दिन ऐसे काम किया करते थे।

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