चालिसे का चौथा रविवार (मार्च 31, 2019)

Fourth Sunday Of Lent

पहला पाठ – योशुआ 5: 9 –12 या मीका 7: 7 – 9
दूसरा पाठ – २कुरिन्थियो 5: 17 – 21
सुसमाचार – लूकस 15: 1-3 या योहन 9: 1-14

चिंतन – यह दृष्टांत खोये बेटे से ज्यादा दयालु पिता पर हमारा ध्यान आकर्षित करता है | ईश्वर हमारे गुण , प्रतिष्ठा , नौकरी नही चाहता | उसे हमारा जीवन चाहिए | येसु कहते हैं कि ईश्वर मनुष्य को उनके पाप के कारण नही छोड़ता | वह सबको स्वीकार करता है जो ह्रदय से उनके पास आते हैं | ईश्वर हमारे माता –पिता के सामने हमे स्वीकार करता है |  वह पश्चातापी मनुष्य कास्वागत करता हैं | हम मनुष्य एक दुसरे से घृणा करते हैं , मना करते है , दण्ड देते हैं यहाँ तक कि समाज से बहिष्कार करते हैं | लेकिन ईश्वर के साथ एसा नही है | हम ईश्वर के जैसे लोगों को प्यार औए क्षमा से स्वीकार करना सीखें | हम अपनी ख्रीस्तीयता को परिवार और समाज में बनाये रखें जहाँ प्यार, क्षमा और स्वीकृति निवास करता है |

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