खजुरी रविवार

खजुरी इतवार

पहला पाठ – इसायास 50:4 -7
दूसरा पाठ – फिलिप्पियो 2: 6-11
सुसमाचार – लूकस 22: 14 -  23: 56

चिंतन – आज माता कलीसिया खजूर पर्व मनाती है जहाँ येसु मनुष्यो के लिए अकथनीय प्रेम को दिखलाते हैं | कहते हैं ईश्वर प्रेम हैं ; इस तथ्य को आज का शब्द समारोह भली भाँती उजागर करता है | ईश्वर ने येसु को हमारे पापों के लिए मरने नही भेजा वरन इसलिए भेजा क्योकि उन्होंने संसार को बहुत प्यार किया ( लूकस 4: 18-19) | ईश्वर ने उन्हें इसलिए भेजा कि हमारे पापों कि प्रायश्चित के लिए अपने प्राणों कि आहूति दें | वरन इसलिए कि वे ईश्वर के राज्य के बारे में प्रचार क्र सके जहाँ अन्याय और हिंसा है | उसी तरह के अद्भुत प्रेम को आज भी हमारे समाज या परिवार में देखने को मिलता है , जब बुरे समय में भी माता – पिता अपने बच्चों के लिए हार नही मानते हैं | दु:ख और सुख कि घड़ी में पति पत्नी एक दुसरे क बिच अपना प्रेम बाँटते हैं और अपने दोस्त की आवश्यकता पर जब दोस्त उसकी सुनता है | इस तरह से देख जाए तो यह प्रेम एक अनिभूति ही नही है वरन एक निर्णय है | जहाँ हम कुछ भी करने को तैयार रहते हैं | प्रभु येसु ने भी उसी प्रेम से प्रेरित होकर हम सबों कें लिए दुःख सहा क्या यही प्रेम हम अपने पड़ोसी , परिवार , हमारे समाज को दे सकते हैं ?

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