संत पापा ने लीबिया में संकट के शांतिपूर्ण समाधान की अपील की

Germany-Libya summit (AFP or licensors)

संत पापा फ्राँसिस ने बर्लिन में होने वाले एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन का विशेष उल्लेख किया जिसका उद्देश्य लीबिया के युद्ध संकट का समाधान खोजना है।

वाटिकन सिटी, सोमवार, 20 जनवरी 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 19 जनवरी को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में देश विदेश से आये तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ देवदूत की प्रार्थना की। इसके उपरांत उन्होंने लीबिया के लोगों को विशेष याद कर उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की जो वर्षों से युद्ध और आर्थिक संकटों का सामना कर रहे हैं।

संत पापा ने कहा, “आज लीबिया के संकट पर चर्चा करने के लिए बर्लिन में एक सम्मेलन आयोजित किया गया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन, हिंसा की समाप्ति और संकटों के समाधान की दिशा में बातचीत के मार्ग की शुरुआत करेगी जो देश को शांति और वर्षों से इच्छा की जी रही स्थिरता की ओर ले जाएगा।”

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि देश के संघर्ष ने सैकड़ों लोगों की जान ली है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

जर्मनी उत्तर अफ्रीकी राष्ट्र के भविष्य का निर्धारण करने के लिए लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध में प्रमुख खिलाड़ियों को एक साथ ला रहा है। इनके अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान, ब्रिटेन के बोरिस जॉनसन और यूएन के सदस्य भी मौजूद हैं।

रविवार को जारी बातचीत में, सभी दलों से तेल को लेकर आपसी शत्रुता से बचने का आह्वान किया गया।

42 वर्षों तक नेता रहे मुअम्मार गद्दाफी की 20 अक्टूबर 2011 में हत्या किये जाने के बाद भी लीबिया में संघर्ष व्याप्त है।

इस महीने की शुरुआत में जनरल खलीफा हफ़्फ़ार की लीबिया नेशनल आर्मी (एलएनए) और प्रधानमंत्री फ़ैज़ अल-सेराज की अगुवाई में नेशनल एकॉर्ड (जीएनए) की प्रतिद्वंद्वी और संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार के बीच एक समझौते की घोषणा की गई थी। हालांकि, दोनों पक्षों ने समझौते के उल्लंघन के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया है।

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