पलायमकोट्टई (भारत) धर्मप्रांत के नये धर्माध्यक्ष की नियुक्ति

पलायमकोट्टई धर्मप्रांत के नये धर्माध्यक्ष अंतोनीसामी सावरीमुथु

संत पापा ने पलायमकोट्टई (भारत) धर्मप्रांत के लिए पुरोहित अंतोनीसामी सावरीमुथु को धर्माध्यक्ष नियुक्त किया है, जो बेंगलुरु के संत पीटर सेमिनरी में प्रोफेसर हैं।संत पापा फ्राँसिस ने बुधवार 20 नवम्बर को फादर अंतोनीसामी सावरीमुथु को पलायमकोट्टई (भारत) धर्मप्रांत का नया धर्माध्यक्ष नियुक्त किया। फादर अंतोनीसामी उसी धर्मप्रांत के धर्मप्रांतीय पुरोहित हैं।नवनियुक्त धर्माध्यक्ष अंतोनीसामी सावरीमुथु का जन्म 8 दिसंबर 1960 को पलायमकोट्टाई धर्मप्रांत के वडक्कम वंदमन में हुआ था। उन्होंने मदुरई के माइनर सेमिनरी में प्रवेश किया, फिर बैंगलोर में (1979-1987) दार्शनिक और ईशशास्त्र में स्नातक की डग्री तथा अंग्रेजी साहित्य में स्नात्कोतर की डिग्री हासिल की। उन्होंने पेरिस(फ्रांस) के एक कथलिक इंस्टीट्यूट में कैनन लॉ में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।पलायमकोट्टई धर्मप्रांत के लिए 26 अप्रैल 1987 को उनका पुरोहिताभिषेक हुआ।
पुरोहिताभिषेक के बाद उन्होंने निम्नलिखित पदों पर अपनी सेवा दी:

1987-1989: धर्माध्यक्ष के सचिव,

1989-1992: मदुरई के लघु सेमिनरी में व्याख्याता,

1992-2001: पेरिस में कैनन लॉ में डॉक्टरेट के लिए अध्ययन,

2001-2010: बैंगलोर के सेमिनरी में विजिटिंग प्रोफेसर,

2001-2004: मदुरई में क्राइस्ट हॉल सेमिनरी (दर्शन) के रेक्टर,

2004-2011: पलायमकोट्टई धर्मप्रांत के विकार जनरल,

2004-2005: बालक येसु तीर्थालय, शांतिनगर के पल्लीपुरोहित,

2005-2009: महाराजानगर में संत जूदा अभयारण्य के रेक्टर,

2009-2011: संत मरिया सेमिनरी के रेक्टर और बुलाहट
केंद्र के निदेशक,

2011 के बाद से वे बैंगलोर में संत पीटर सेमिनरी में रहते हैं और वहीं
के प्रोफेसर हैं।

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