गर्मी और आग की लपटों से राहत हेतु ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रार्थना

न्यू साउथ वेल्स में आग

कलीसियाओं के विश्व परिषद के महासचिव ने ऑस्ट्रेलियाई कलीसियाओं को लिखे पत्र में क्रिसमस के मौसम में जंगलों में लगी भयंकर आग से देश में संकट, क्षति और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट कर उनके लिए प्रार्थना की।ऑस्ट्रेलियाई कलीसियाओं को लिखे पत्र में कलीसियाओं के विश्व परिषद के महासचिव रेभ. डॉ. ओलाव फ्य्कसे तवित ने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों में भयावह आग ने क्षितिज को उस समय काला कर दिया है जब दुनिया जश्न मना रही है।

जान माल की क्षति
महासचिव तवित ने 3 दिसम्बर के पत्र में लिखा, "आप के साथ मिलकर, दुनिया भर के डब्ल्यूसीसी सदस्य कलीसिया गर्मी और आग की लपटों से राहत की कामना कर रहे हैं। इस आग में अनेक लोगों का जीवन और संपत्ति बर्वाद हो गई। आगे बढ़ते प्रचंड आग की लपटों से वन्य जीवों को बचाने का प्रयास करने बाले सभी सुरक्षाकर्मियों के संरक्षण की कामना करते हैं। पर्यावरण का विनाश हो रहा है। “आप के साथ मिलकर, हम पहले से ही हुई अकल्पनीय हानि पर शोक मनाते हैं - बहुमूल्य मानव जीवन का, घरों और आजीविका का, इतने सारे जंगली जानवर, जंगल और इतने सारे प्रभावित समुदायों की सुरक्षा के लिए अपनी चिंता व्यक्त करते हैं।  

डॉक्टर तवित ने सभी पीड़ितों और उनके परिवारों और समुदायों के लिए प्रार्थना की कि उन्हें नुकसान को सहने की शक्ति मिले और दुनिया भर में इतने सारे लोगों की एकजुटता से सहारा मिले। "हम अग्निशमन सेवाओं और सरकारी अधिकारियों के लिए प्रार्थना करते हैं, कि वे इस संकट का सामना करने के लिए आवश्यक संसाधन, शक्ति और संकल्प पा सकें। हम ऑस्ट्रेलिया की कलीसियाओं और धार्मिक नेताओं के लिए भी प्रार्थना करते हैं कि इस गहन शोक और संकट की स्थिति में ईश्वर का वचन आपको धैर्य और सांत्वना दे।

कलीसियाओं की भूमिका
डॉक्टर तवित ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया पहले भी, आग और सूखे का संकट झेल चुका हैं, "हालांकि, अभूतपूर्व पैमाने में मौजूदा संकट असाधारण आपदा के कारकों पर चिंतन करने के लिए बाध्य कर रही है। प्राकृतिक विरासत को बचाने, तेजी से बदलती जलवायु को कम करने के लिए अनुकूल कदम उठाने और इस तरह के विनाश की पुनरावृत्ति को कम करने के संबंध में जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ सभी कलीसियाओं को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।"

विदित हो कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर देश के दक्षिण-पूर्व हिस्से में भीषण आग लग गई और कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई तथा छुट्टियां मनाने पहुंचे कई लोग वहां फंस गए।  ऑस्ट्रेलिया में सरकार ने न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया प्रांतों में जंगलों में लगी आग को देखते हुए आपात स्थिति घोषित करते हुए सड़कों को बंद कर दिया है। स्थानीय निवासियों, पर्यटकों को वहां से निकाला जा रहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब शनिवार तक आग के और फैलने की आशंका जाहिर की गई है।रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आस्ट्रेलिया में आग से संबंधित घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है और यह संख्या और भी बढ़ने की संभावना है।

विक्टोरिया के पूर्वी जीप्सलैंड में 43, जबकि न्यू साउथ वेल्स में 176 घर आग में नष्ट हुए हैं। इससे पहले बुधवार को न्यू साउथ वेल्स रूरल फायर सर्विस ने कहा था कि इस सीजन में 916 घर तबाह हुए हैं और 363 क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

न्यू साउथ वेल्स में गुरुवार को आग लगने की वजह से 40 लाख हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई। सरकार ने गुरुवार को एक सप्ताह के लिए आपात स्थिति की घोषणा की। इसका मतलब है कि लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला जाएगा और सड़कों को बंद कर दिया गया है। शनिवार तक आग के और भीषण हो जाने की आशंका है । प्रशासन ने लोगों से प्रभावित इलाकों से खुद निकल सकने की स्थिति में वहां से दूसरे स्थानों पर जाने की अपील की है।

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