आगमन का तीसरा रविवार

प्यारे विश्वासियों, आज हम आगमन काल के तीसरे रविवार में प्रवेश कर चुके है। आगमन के तीसरे रविवार को गुलाबी रंग की मोमबत्ती जलाई जाती है। इस गुलाबी मोमबत्ती को "चरवाहों की मोमबत्ती" भी कहा जाता है, और यह खुशी का प्रतिनिधित्व करती है। 

उस समय उस प्रान्त में चरवाहे खेतों में रहा करते थे। वे रात को अपने झुण्ड पर पहरा देते थे। एक रात प्रभु का दूत उनके पास आ कर खड़ा हो गया। ईश्वर की महिमा उनके चारों ओर चमक उठी और वे बहुत अधिक डर गये। स्वर्गदूत ने उन से कहा, "डरिए नहीं। देखिए, मैं आप को सभी लोगों के लिए बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूँ। आज दाऊद के नगर में आपके मुक्तिदाता, प्रभु मसीह का जन्म हुआ है। (सन्त लूकस 2:8-11)

आगमनकाल में कलीसिया हमें प्रभु की निकटता का एहसास कराती है। आज जब हम ख्रीस्त जयंती के इतने निकट आ गए है तो हम चरवाहों के समान, ईश्वर के दर्शन के लिए स्वयं को तैयार करें। जिससे हम मुक्ति प्राप्त कर अपने जीवन को परिपूर्णता तक ले जाए।

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